
शिमला। राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने सदन में जानकारी दी कि 1972 से लागू हिमाचल प्रदेश अभिधृति एवं भू सुधार कानून की धारा 118 को अब तक पांच बार संशोधित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ये सभी संशोधन हिमाचल के लोगों को राहत देने के लिए ही किए गए। वह भाजपा विधायक रविंद्र रवि के सवाल के जवाब में बोल रहे थे। रवि ने पूछा कि इन संशोधनों के बहाने किन-किन लोगों को जमीन खरीदने की मंजूरी दी गई। जवाब में कौल सिंह ने कहा कि ये संशोधन शहरी क्षेत्रों में घर बनाने के लिए गैर कृषक हिमाचलियों को 500 मीटर भूमि खरीदने की मंजूरी देने, दुकान के लिए 300 मीटर जमीन की मंजूरी देने, भूमिहीन एससी-एसटी परिवारों और भूमिहीन कामगारों के लिए किए गए। जहां तक विधायक ने इन संशोधनों से मिलने वाले लाभ के बारे में पूछा है तो इसके लिए वह अलग सवाल पूछें, क्योंकि यह सूचना विस्तृत है।
कांग्रेस ने अपार्टमेंट एक्ट में रजिस्टर किए 12 बिल्डर
31 जुलाई तक छह के लाइसेंस भी रिन्यू किए सरकार ने
महेंद्र सिंह के सवाल पर सुधीर शर्मा का लिखित जवाब
बेनामी सौदे जांच आयोग की आपत्तियां भी दरकिनार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कांग्रेस सरकार ने एक जनवरी 2013 से 31 जुलाई 2013 तक उस अपार्टमेंट एक्ट में 12 बिल्डर पंजीकृत किए, जिस पर भाजपा सरकार ने जाते जाते रोक लगा दी थी। यह जानकारी भाजपा विधायक महेंद्र सिंह के सवाल के लिखित जवाब में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने दी।
सुधीर शर्मा ने बताया कि इस अवधि में कुल 12 बिल्डरों को पंजीकृत किया गया और 6 बिल्डरों के लाइसेंस रिन्यू किए गए। इनमें से दो को छोड़ शेष सभी हिमाचल से बाहर के हैं। हालांकि इस अवधि में एक भी ईसी को रिन्यू नहीं किया गया। इनमें से कुछ बिल्डरों पर बेनामी सौदे जांच आयोग ने भी सवाल उठाए थे। लेकिन इन आपत्तियों को दरकिनार कर ये लाइसेंस दिए गए।
कब्जे रेगुलर करने का सवाल टाल गई सरकार
शिमला। हिमाचल सरकार अवैध कब्जों को नियमित करने का सवाल टाल गई है। विधायक महेश्वर सिंह ने प्रश्न पूछा था कि क्या यह सत्य है कि पिछली सरकार ने अवैध कब्जे नियमित करने के लिए लोगों से आवेदन मांगे थे? ऐसे कितने आवेदन मिले हैं? कितने ऐसे मामले हैं, जिनमें लोगों का पुश्तों से अवैध कब्जा था और इसे साबित करने के लिए लोग कोर्ट केस भुगत रहे हैं। क्या सरकार ऐसे मामलों को वन टाइम सेटलमेंट के जरिये निपटाने का विचार रखती है? इस सवाल के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री कौल सिंह ने कहा है कि सूचना एकत्रित की जा रही है।
स्वां तटीकरण के लिए 922 करोड़ मंजूर
योजना आयोग की क्लीयरेंस के बाद मिलेगी राज्य को धनराशि
शिमला। केंद्र सरकार ने ऊना जिला में स्वां तटीकरण के चौथे चरण के लिए 922.48 करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृत की है। इससे दौलतपुर से गगरेट पुल तक दोनों किनारों का तटीकरण होगा और दौलतपुर से लेकर संतोषगढ़ पुल तक स्वां नदी में गिरने वाली 55 सहायक खड्डों की चैनलाइजेशन होगा। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने भाजपा विधायक सतपाल सत्ती के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस डीपीआर पर योजना आयोग की क्लीयरेंस के बाद भारत सरकार का जल संसाधन मंत्रालय यह धनराशि राज्य को जारी करेगा।
