
शिमला। लक्कड़ बाजार बस स्टैंड स्थित पांच प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने लायक नहीं है। इन स्रोतों के पानी के सैंपल फेल हो गए हैं। नगर निगम अब बैम्लोई और हिमलैंड की तर्ज पर पांचों स्रोतों की फेंसिंग करेगा और पानी को कंस्ट्रक्शन के लिए बेचेगा।
जांच रिपोर्ट में यहां के पानी में क्लोरीन की मात्रा शून्य है। इसके चलते प्राकृतिक स्रोतों में रिज टैंक से पानी लीक होकर आने की संभावना भी समाप्त हो गई है। उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों की फेंसिंग कर निगम यहां से पानी कंस्ट्रक्शन कार्यों के लिए बेचेगा। पंवर ने कहा कि लोगों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। पीने का पानी नगर निगम रिज टैंक और कंस्ट्रक्शन यूज के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों से भरकर देगा। निजी टैंकरों से शहर में हो रही पानी की सप्लाई को रोकने का जिम्मा स्वास्थ्य शाखा को सौंपा गया है। निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत प्राकृतिक जल स्रोतों को व्यवस्थित किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन इन स्रोतों के पास चेतावनी और रेट के बोर्ड भी लगाएगा।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में दर्जनों प्राकृतिक जल स्रोत हैं। यहां से निजी टैंकर पानी की सप्लाई होटलों सहित अन्य स्थानों में करते हैं। इन निजी टैंकरों पर शिकंजा कसने के लिए नगर निगम ने प्राकृतिक जल स्रोतों की निगरानी करने का फैसला लिया है। इससे जहां नगर निगम की आय में इजाफा होगा, वहीं शहरवासियों और सैलानियों की सेहत से खिलवाड़ भी नहीं हो सकेगा।
