
धर्मशाला। करीब सात माह पूर्व नूरपुर के जवाली में सिरकटी लाश की बरामदगी के मामले में हत्या में प्रयोग की गई टवेरा गाड़ी को पुलिस ने पंजाब से बरामद कर लिया है। बुधवार को फोरेंसिक टीम ने वाहन का निरीक्षण कर इसमें केस से जुड़े कई अहम साक्ष्य जुटाए। क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब धर्मशाला के सहायक निदेशक डा. एसके पॉल के नेतृत्व में टीम ने ब्लड सैंपल एकत्र कर लिए हैं। अब इन्हें डीएनए जांच के लिए जुनगा स्थित स्टेट फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। एएसआई रामपाल ने पंजाब के तरनतारन स्थित जीरामंडी से इस वाहन को बरामद किया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या में प्रयोग हुई टवेरा गाड़ी (एचआर 16 के 3209) को नाटकीय अंदाज में तीन बार बेच दिया गया। इसके असली मालिक को न तो इसकी भनक लगी और न ही उसे वाहन बेचने का पूरा मूल्य मिला। कार मालिक पंजाब के डगवाली निवासी जगशीर सिंह ने पुलिस जांच में सहयोग किया है। सूत्र बताते हैं कि जगशीर सिंह ने भटिंडा निवासी हरदीप सिंह के साथ तवेरा का 4 लाख 14 हजार में सौदा किया। हरदीप ने इसकी एवज में जगशीर को 25 हजार रुपये एडवांस दिए लेकिन हरदीप ने अपने एक अन्य दोस्त हरपाल सिंह की मदद से इस वाहन को दो लाख में जवाली निवासी बुद्धि सिंह और वरयाम सिंह को बेच दिया। 13 जनवरी की रात दोनों भाइयों बुद्धि सिंह और वरयाम सिंह ने अपने तीसरे भाई तरसेम की हत्या को इस वाहन में अंजाम दिया था। दोनों आरोपी मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। पहले तरसेम का गला घाेंटा गया फिर शव को बोरी में डालकर स्थाना में सिर काट कर दराट और सिर शाहनहर बैराज में फेंक दिया। आरोपियों ने मृतक का धड़ रे में फेंका। बताया जाता है कि इस वाहन को बाद मेें चरणजीत नामक शख्स को बेचा गया। एएसपी मोहित चावला के मुताबिक वाहन को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी गई है।
