
सांगला (किन्नौर)। वांगतु-काफनू सड़क चट्टानों के गिरने से मंगलवार देर रात से बंद हो गई है। इससे इस मार्ग पर चार निजी बसों सहित दर्जनों छोटे वाहन भी फंसे हुए हैं। वहीं, लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को रिकांगपिओ और रामपुर आने के लिए करीब पांच किमी से अधिक सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। उधर, सेब सीजन भी शुरू होने वाला है। बागवानों को यहां तैयार होने वाली करीब ढाई लाख सेब पेटी को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार देर रात 1892 स्थित कंडार मोड़ के पास पहाड़ी से चट्टानों के गिरने से मार्ग बंद हो गया है। सड़क बंद होने से क्षेत्र की कटगांव, यांगपा और काफनू पंचायतों के सैकड़ों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उक्त क्षेत्र में सेब की करीब ढाई लाख पेटी की पैदावार होती है। यह सेब सितंबर से बाजार में आना शुरू हो जाता है, लेकिन बार-बार सड़क बंद होने से लोगों को सेब मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। क्षेत्रवासियों जिला भाजपा के निचार मंडल अध्यक्ष निहाल चारस, राज्य कार्यकारिणी सदस्य राज कुमार नेगी, प्रधान कटगांव सांज्ञा डोलना बिष्ट, राजमन नेगी, कुशक पान नेगी, दौलत नेगी, मिया राम नेगी, सुदर्शन नेगी, बलवंत नेगी, सनम पाल नेगी, मिडल सिंह नेगी, रवि बिष्ट, नीलम नेगी, दिनेश नेगी, सुंदर लाल नेगी और गोविंद नेगी सहित अन्य लोगों ने लोनिवि और प्रदेश सरकार से मांग की है कि सड़क को बहाल करने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उधर, इसके बारे में लोनिवि के एक्सईएन भावानगर बीएस मेहता ने बताया कि बंद मार्ग पर गिर रही चट्टानों को पूर्ण रूप से गिरा दिया जाएगा। इसके बाद मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेब सीजन में बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
