
मंडी। छात्र संघ चुनाव को लेकर सोमवार को वल्लभ कॉलेज में जमकर हंगामा बरपा। कालेज प्रशासन पर कथित धांधली के आरोप के चलते विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान कालेज परिसर में हालात बिगड़ गए तथा स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कालेज में पुलिस बल तैनात कर दिया। बावजूद इसके बार-बार माहौल तनावपूर्ण बनता रहा। धांधली के आरोपाें पर विद्यार्थी परिषद अपनी मांगों पर अड़ी रही। इस दौरान कालेज प्राचार्य भी छात्राें की नारेबाजी से खफा होकर जब छात्रों के बीच जाने लगे तो अन्य स्टाफ ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
शनिवार को हुए छात्र संघ के चुनाव में नजदीकी हार को लेकर करीब एक दशक तक वल्लभ कॉलेज में शासन करने वाली अभाविप ने कालेज प्रशासन पर कथित धांधली का आरोप लगाया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 10 बजे ही प्राचार्य कार्यालय के बाहर प्रदर्शन एवं नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान धांधली की गई। मतपेटियां भी पहले खोल दी गई थीं। आरोप लगाया कि एनएसयूआई की तरफ से एक आउटसाइडर को काउंटिंग हाल में बिठाया गया था। जिसका न तो कालेज में दाखिला है और न ही कालेज का छात्र है। अभाविप ने आउट साइडर का कॉलेज में रिकॉर्ड तथा चुनाव के समय की सीसीटीवी फुटेज भी कालेज प्रशासन से मांगी। इस बीच अभाविप कार्यकर्ताआें की कालेज प्रशासन के साथ कई बार बहसबाजी हुई।
मामले की शिकायत को लेकर अभाविप कार्यकर्ता कालेज प्राचार्य कार्यालय में गए तो स्थिति नाजुक हो गई। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के खिलाफ उग्र तेवर अपनाए तथा उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ता जब बार-बार अंदर जा रहे थे तो इस बीच प्राचार्य भी गुस्से में आ गए। इसके बाद प्राचार्य कार्यालय के अंदर भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अभाविप के कई कार्यकर्ताओं को कालेज परिसर से बाहर कर दिया। परिषद ने चेताया है कि अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
वल्लभ कॉलेज में चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशाें के अनुसार निष्पक्ष तरीके से हुए हैं। अगर अभाविप को मतगणना या चुनाव से संबंधित किसी तरह की आपत्ति थी तो शनिवार को ही सूचित कर देते। अभी इस पर वे कुछ नहीं कर सकते।
-एमएस जम्वाल प्राचार्य मंडी कालेज।
अभाविप छात्रों का इस तरह कालेज में प्रदर्शन करना सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताआें को अगर कोई आपत्ति है तो कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
