अवैध कब्जे नियमित करने की उठाई मांग

बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापित बहुल बिलासपुर शहर में अवैध कब्जे हटाने के आदेशों के खिलाफ एकजुट हुए विभिन्न राजनीतिक दलों व संगठनों के नुमाइंदों ने उक्त आदेश वापस लेने की मांग की है। इस मांग को लेकर सोमवार को सर्वदलीय भाखड़ा विस्थापित अधिकार संरक्षण समिति के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम प्रदीप ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन प्रेषित किया।
सर्वदलीय समिति के अनुसार साठ के दशक में भाखड़ा बांध के निर्माण से पुराने शहर के जलमग्न होने पर विस्थापितों को नए शहर में सीमित आकार के प्लाट मिले थे। भूमि के एवज में उन्हें कोई अतिरिक्त जमीन नहीं मिली। परिवार बढ़ने के कारण नए शहर में मिले प्लाटों पर बनाए गए मकान छोटे पड़ गए। ऐसे में उन्हें आसपास की सरकारी भूमि पर मजबूरन कब्जा करना पड़ा। हाईकोर्ट ने सरकार को इन कब्जों बारे नीति बनाने के आदेश भी दे रखे हैं।
समिति के नुमाइंदों ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुरू से ही भाखड़ा विस्थापितों के हितैषी रहे हैं। ऐसे में कुछ दिन पहले अवैध कब्जे हटाने संबंधी सरकार के आदेशों से वे न केवल हैरान हैं, बल्कि उनकी नींद भी उड़ गई है। उन्होंने मांग की कि विस्थापितों के कब्जों को उनकी पुराने शहर में ली गई भूमि के एवज में अलाट किया जाए या लीज के आधार पर दिए गए प्लाटों की तर्ज पर उनके कब्जे वाली भूमि भी उन्हें लीज पर दी जाए। समिति के महामंत्री जय कुमार की अगुवाई में ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में रजनी शर्मा, कमलेंद्र कश्यप, जेके नड्डा, आरएल शर्मा, दौलतराम शर्मा, एसके भट्टा, राजेंद्र हांडा, केश पठानिया, सुनील गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, स्वतंत्र गुप्ता, रामलाल पुंडीर, राजेंद्र हांडा व हुसैन अली समेत विभिन्न राजनीतिक दलों व संगठनों के कई अन्य नुमाइंदे शामिल थे।

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