
गोपेश्वर। आपदा के बाद प्रभावित हुए घाट ब्लॉक के ग्रामीणों का जीवन दो माह बाद भी पटरी पर नहीं लौट पाया है। विकासखंड के गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सभी सड़कें और पैदल मार्गों की स्थिति दयनीय बनी है। एक माह से घाट-नंदप्रयाग मार्ग भी अवरुद्ध होने से क्षेत्र में रसद, रसोई गैस सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करने के लिए मीलों पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। घाट क्षेत्र के बांसबाड़ा, मुख्य बाजार, सैंती, कुरुड़, कनोल, सुतोल सहित 52 ग्राम पंचायतें, 95 गांव प्रभावित हुए हैं। लेकिन यहां गांवों को जाने वाले सभी मोटर और पैदल मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सम्मुख रसद का संकट खड़ा हो गया है।
संपूर्ण घाट क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर घाट क्षेत्र के जनप्रतिनिधि 19 अगस्त को नगर मुख्यालय से कलक्ट्रेट परिसर तक प्रदर्शन करने का एलान किया है। जिला पंचायत सदस्य सरस्वती देवी का कहना है कि घाट क्षेत्र आपदा से त्रस्त है लेकिन जिला प्रशासन ब्लॉक को आपदा प्रभावित मानने को तैयार नहीं है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि घाट क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क शीघ्र आवागमन के लिए खुल जाएगी। क्षेत्र में प्रभावितों को आपदा राहत बांटी गई। क्षेत्र में समुचित मात्रा में आवश्यक वस्तुएं भेजी जा चुकी हैं।
