11 वर्ष से विज्ञान, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र के शिक्षक नहीं

गोपेश्वर। चमोली जनपद के सुदूर निजमुला घाटी की 14 ग्राम पंचायतों के मध्य स्थित राजकीय इंटर कालेज निजमुला में शिक्षकों की कमी बनी है। विद्यालय की स्थापना वर्ष 2002 में हुई लेकिन तब से ही यहां रसायन विज्ञान, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र विषयों के शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में घाटी के छात्र-छात्राओं का आगे का भविष्य क्या होगा, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं 11 वर्ष में इंटर कालेज का अपना भवन भी नहीं है। विद्यालय आज भी जूनियर हाईस्कूल निजमुला के भवन पर संचालित हो रहा है।
जीआईसी निजमुला में ग्राम पंचायत निजमुला, सैंजी, दुर्मी, पगना, पाणा, ईराणी, गाड़ी, कुमाला, भनाली, झींझी के छात्र पढ़ने आते हैं। वर्तमान में यहां 285 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। धनाढ्य वर्ग के विद्यार्थी शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में दाखिला ले रहे हैं लेकिन गरीब तबके के छात्रों को मजबूरन यहीं पढ़ाई करनी पड़ रही है।
पीटीए अध्यक्ष अवतार सिंह चौहान का कहना है कि कई बार विद्यालय में शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कहा गया। प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है। विद्यालय भवन भी जीर्णशीर्ण हालत में पहुंच गया है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर चुप बैठ जाते हैं।
जनपद के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी है। प्रतिवर्ष शिक्षा निदेशालय को शिक्षकों की कमी के संदर्भ में अवगत कराया जाता है। हमें जैसे ही शिक्षक मिलेंगे, उन्हें प्राथमिकता वाले विद्यालयों में भेज दिया जाएगा। – भूपेंद्र सिंह नेगी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली

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