
नूरपुर (कांगड़ा)। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (जोगटा गुट) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ज्ञान ठाकुर ने मनकोटिया गुट द्वारा कांगड़ा में फेडरल हाउस के दौरान करवाए गए चुनाव को असंवैधानिक करार दिया है।
रविवार को यहां पत्रकार वार्ता में ज्ञान ठाकुर ने दावा किया कि 14 अगस्त को शिमला में सर्वसम्मति से एसएस जोगटा को महासंघ का प्रदेशाध्यक्ष चुना गया है। इसमें बाकायदा सभी जिलों, उपमंडल व ब्लॉक इकाइयों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इससे पहले सभी जिलों में ब्लॉक स्तरीय चुनाव करवाए गए और फिर उपमंडल इकाइयों के बाद प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसमें अकेले कांगड़ा जिले से महासंघ के करीब 60 सदस्यों ने भाग लिया। लेकिन महासंघ के एक गुट के कर्मचारियों को जोगटा का अध्यक्ष बनना रास नहीं आया और कर्मचारियों को गुमराह करने के इरादे से कांगड़ा में समांतर फेडरल हाउस बुलाने की आड़ में नए सिरे से चुनाव करवाने का ड्रामा रच दिया। ठाकुर ने मनकोटिया गुट के नेताओं से जानना चाहा कि महासंघ के चुनाव को लेकर विधिवत अधिसूचना कब जारी की गई और कहां-कहां ब्लॉक, उपमंडल व जिला स्तर पर चुनाव संपन्न करवाए गए? उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द मान्यता प्रदान करने तथा जेसीसी की बैठक बुलाने की मांग की है। अगर सरकार चाहे तो अपने स्तर पर गुप्तचर एजेेंसियों के माध्यम से जोगटा की अगुवाई वाले अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की सदस्यता या संवैधानिक ढंग से करवाए गए चुनाव की जांच करवा सकती है।
उन्होंने कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गुटबाजी में विश्वास नहीं रखता है और उनका एकमात्र उद्देश्य कर्मचारी हितों की रक्षा करना है। इसके लिए समस्त कर्मचारी वर्ग से एकजुट होने की अपील की है। उनके साथ जिला प्रवक्ता संजीव गुप्ता के अलावा शांति स्वरूप, अरुण शर्मा, नीलम कुमार, तरसेम कुमार व लाल सिंह इत्यादि मौजूद रहे।
