
नूरपुर (कांगड़ा)। पौंग बांध में पानी की लगातार आमद के चलते रविवार को भी निचले इलाकों में पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा। रविवार को बारिश के थमने के बावजूद करीब 32,025 क्यूसिक पानी टरबाइनों और फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा गया। जबकि पौंग बांध में 38,272 क्यूसिक पानी की आमद के साथ जलस्तर 1381.64 से उछलकर 1382.10 फुट तक पहुंच गया। हालांकि जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से करीब 8 दूर है। बीबीएमबी ने रविवार को मौसम साफ होने के बावजूद करीब 1.91 फुट तक सभी छह फ्लड गेट खुले रखे। जानकारी के अनुसार फतेहपुर तहसील के तहत पड़ने वाले रियाली, बेला ठाकरां, लुदियारचां के अलावा बहादपुर, डूहग आदि गांवों में बिजली गुल होने के कारण लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है।
जबकि प्रशासन की तरफ से भी बाढ़ प्रभावित लोगों तक अभी कोई बड़ी राहत नहीं पहुंच पाई है। रविवार शाम को ऊपरी इलाकों में फिर से बारिश होने से पौंग के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। रविवार को पौंग के जलस्तर में एक फुट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पौंग में पानी बढ़ने व ब्यास में पानी छोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। इसके चलते मंड वासियों का काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अभी भी मंड में सैकड़ों घर पानी की जद में हैं। हालांकि प्रशासन ने रविवार को इंदौरा-पराल वाया अरनी यूनिवर्सिटी मार्ग बहाल कर दिया तथा ठाकुरद्वारा-पराल संपर्क मार्ग पर भी खंभों के ऊपर से पैदल लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। लेकिन फिर से बारिश होने व पौंग में पानी बढ़ने से मंड वासियों पर और आफत आ सकती है। उधर, एसडीएम नूरपुर अश्वनी सूद ने बताया कि बीबीएमबी के अधिकारियों से लगातार संपर्कबनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर अगले एक-दो दिन मौसम साफ रहता है तो प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
