सीएचसी का बरामदा बना वार्ड

कर्णप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का तांता लगा है। स्थिति यह है कि मरीजों को कमरे में जगह नहीं मिलने पर तीमारदार बरामदे में ही मरीज के रहने का इंतजाम कर रहे हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन स्टाफ और सुविधाओं का रोना रो रहा है।
बरसात से पीलिया, टायफायड, मौसमी बुखार, सर्दी, जुखाम आदि मरीजों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। शुक्रवार दोपहर साढ़े बारह बजे तक ओपीडी जहां 135 पहुंच चुकी थी, वहीं पिछले तीन दिन में अस्पताल में 80 मरीज भर्ती हो चुके हैं। 40 बेड के अस्पताल के सभी वार्ड भर जाने पर तीमारदारों को बरामदे में ही मरीज के रहने का इंतजाम करना पड़ रहा है। वहीं आपदा के बाद से पैदा हुए हालातों में सीएचसी से भी चिकित्सकों की ड्यूटी अन्यत्र लगाई जा रही है, जबकि गैरसैंण से लेकर पिंडरघाटी और गोपेश्वर तक के मरीज भी पहुंच रहे हैं। ऐसे में भर्ती मरीजों को खासी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। हालात यह है कि 80 भर्ती मरीजों का जिम्मा तीन चिकित्सकों पर है।

प्रतिदिन दो सौ से अधिक ओपीडी हो रही है, जिसमें साठ प्रतिशत वायरल फीवर और टायफायड से पीड़ित हैं। स्टाफ और जगह की कमी के चलते कुछ मुश्किलें हो रही हैं। प्रयास है कि प्रत्येक मरीज को उचित और समय पर उपचार मिले।

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