
नूरपुर (कांगड़ा)। ब्यास दरिया से सटे कांगड़ा जिले के सीमावर्ती मंड क्षेत्र में पौंग के पानी ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। दो दिन की राहत के बाद पौंग डैम के फ्लड गेट फिर से खुल गए हैं। पौंग बांध से छोड़े गए पानी ने ब्यास दरिया से सटे निचले मंड क्षेत्र के करीब 42 गांवों को बाढ़ की चपेट में ले लिया है। फ्लड गेट दोबारा खुलने के बाद प्रशासन ने मंड क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
एसडीएम नूरपुर अश्वनी सूद ने बताया कि प्रशासन मंड क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है। करीब 170 प्रभावितों परिवारों को फौरी राहत के तौर पर प्रशासन की तरफ से 4 लाख रुपये की राशि जारी कर दी गई है। नुकसान का सही आकलन पानी कम होने पर ही लग पाएगा।
1381.54 पहुंचा पौंग का जलस्तर
नूरपुर (कांगड़ा)। शुक्रवार को दोपहर एक बजे पौंग बांध में 47645 क्यूसिक पानी की आमद के साथ जलस्तर 1381.54 फुट तक पहुंच गया। इसके चलते पौंग बांध के सभी छह फ्लड गेट करीब पौने चार फुट तक खोल दिए गए। इससे करीब 17986 क्यूसिक पानी टरबाइनों और तकरीबन 22519 क्यूसिक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा गया। इससे पहले वीरवार को पौंग बांध में दोपहर 12 बजे 81388 क्यूसिक पानी की भारी आमद को देखते हुए बीबीएमबी ने डैम के सभी छह फ्लड गेट करीब एक फुट तक खोल दिए थे। हालांकि, मंगलवार को बारिश का कहर थमते ही बीबीएमबी प्रशासन ने डैम के फ्लड गेट बंद कर दिए थे। मौजूदा हालत में मंड क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
