
रुड़की। घाड़ क्षेत्र की नदियों में खनन करने को माफिया कितने आतुर हैं, इसका उदाहरण तब देखने को मिला जब माफिया ने खेत से मलबा हटाने की आड़ में मोहड़ रो और सूक नदी का सीना छलनी करने की कोशिश की। गोकुलवाल के निकट तो माफिया ने चार घंटे जेसीबी से अवैध खनन कर एक क्रशर में खनन सामग्री को ठिकाने लगा दिया, लेकिन प्रशासन के छापे और ग्रामीणों के विरोध के चलते माफिया भाग खड़े हुए।
घाड़ क्षेत्र की मोहंड-रो और सूक नदी में खनन बंद है। जिससे सभी क्रशर भी जंग खा रहे हैं, लेकिन खनन माफिया किसी भी तरह दोनों नदियों का सीना छलनी करने के प्रयास कर रहे हैं, ताकि नदियों से अवैध खनन कर मोटी कमाई कर सकें। बृहस्पतिवार को खेत से मलबा हटाने की आड़ में माफिया ने बुधवाशहीद के मजरा गांव गोकुलवाला के उत्तरी-पूर्वी दिशा में मोहंड-रो और सूक नदियों के संगम पर पुल के पास जेसीबी लेकर सुबह छह बजे से अवैध खनन शुरू कर दिया। अवैध खनन की सूचना मिलने पर बुधवाशहीद ग्राम प्रधानपति संजय चौहान ने कई ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि जहां खनन हो रहा है कि वह ग्राम समाज की भूमि है। मलबा हटाने की अनुमति कहीं और है, लेकिन माफिया के खनन जारी रखने पर ग्राम प्रधान ने मामले की सूचना ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका को दी। जेएम के निर्देश पर प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर छापा मारा तो माफिया भाग खड़े हुए।
दूसरी ओर बिहारीगढ़-बुग्गावाला मार्ग पर तेलपुरा के निकट भी मोहंड-रो नदी में खनन करने माफिया पहुंचे, लेकिन इसकी सूचना मिलने पर तेलपूरा के पूर्व प्रधान नासिर अली कई ग्रामीणों के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते माफिया नदी से भाग खड़े हुए।
जिस जगह मलबा हटाने के नाम पर जेसीबी से खनन किया गया, वह ग्राम समाज की भूमि है। जिस भूमि से मलबा हटाए जाने की अनुमति है, वहां फसल खड़ी है। पंचायत की भूमि के साथ ही कहीं से भी अवैध खनन किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
– संजय चौहान, प्रधानपति, बुधवाशहीद
एक खेत से मलबा हटाने की अनुमति प्रशासन ने दी है। मलबा हटाने के लिए पहले खेत का सीमांकन किया जाएगा। इसके बाद ही मलबा हट सकेगा। इसके बाद भी किसी ने अवैध खनन किया तो कार्रवाई की जाएगी। जिस क्रशर पर अवैध खनन ढोया गया उसकी भी जांच की जाएगी। अवैध खनन सामग्री मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
– सोनिका, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की।
