न सिर छुपाने को छत और न नौकरी

रुद्रप्रयाग। देश को आजादी दिलाने में अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें के आश्रित आज मुफलिसी के दौर में जी रहे हैं। स्थिति यह है कि इन आश्रिताें के पास सिर छुपाने के लिए पक्की छत तक नहीं है।
रुद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत सारी गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्राम सिंह और आलम सिंह दोनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें के आश्रित अभावाें में जिंदगी जी रहे हैं। इन आश्रिताें को शासन-प्रशासन से किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आलम सिंह के आश्रित गजेंद्र सिंह और प्रेम सिंह वर्तमान में सारी गांव में मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। आश्रित गजेंद्र के पास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र भी है, इसके बावजूद उन्हें कोई सुविधा शासन-प्रशासन स्तर से नहीं मिल रही है। गजेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ एक कमरे में रह रहे हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्राम सिंह के आश्रित रघुनाथ सिंह की स्थिति भी बहुत बुरी है। देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले संग्राम सिंह को जिला प्रशासन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं मानता। इस कारण उनका नाम अभी तक रुद्रप्रयाग जिले की स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें की सूची में दर्ज नहीं है, जबकि चमोली जिले में उनका नाम दर्ज था और पेंशन भी मिलती थी। संग्राम सिंह के पुत्र 55 वर्षीय रघुनाथ सिंह ने बताया कि कई बार इस संबंध में जिला प्रशासन सहित उच्चाधिकारियाें से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र सौंप चुके हैं, लेकिन किसी भी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इंसेट
पत्र लिख, पर नहीं हुई कार्रवाई
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें के आश्रिताें को उचित सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन को लिखा गया, लेकिन प्रशासन स्तर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। – राय सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान सारी।

जिला प्रशासन का है काम
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें के लिए सभी प्रकार की योजनाआें का संचालन जिला प्रशासन करता है। सैनिक कल्याण विभाग केवल भूतपूर्व और सेवारत सैनिकाें के लिए कार्य करता है। – ले.कर्नल (सेनि) पीबी गुरंग, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी।

गाइड लाइन के अनुरूप करते हैं मदद
प्रशासन की ओर से सरकार को प्राप्त गाइड लाइन के अनुरूप स्वतंत्रता संग्राम सेनानियाें और उनके आश्रिताें की मदद की जाती है। यदि इस तरह का कोई मामला है कि आश्रिताें को निर्धारित सुविधा नहीं मिल रही है तो इसे दिखाया जाएगा। – दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।

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