संषर्घ के बाद रत्ना को मिला हक

हल्द्वानी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. प्रेमलाल वर्मा की पत्नी रत्ना वर्मा को 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर हक मिल गया। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ह्यांकी ने रत्ना को जमीन देने की मांग पूरी करते हुए बरेली रोड पर टाटा मोटर्स के पास 900 वर्ग फिट जमीन देने की संस्तुति कर दी। जमीन देने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रत्ना वर्मा के हक के लिए 15 अगस्त को पोते राजेंद्र के साथ डीएम कैंप कार्यालय के पास आमरण अनशन पर बैठने की धमकी से जिला प्रशासन की नींद हराम थी। रत्ना को किसी तरह से मनाने के लिए तीन दिन से एसडीएम उनके घर डेरा डाले हुए थे।
अमर उजाला ने 12 अगस्त के संस्करण में ‘दो डीएम के बीच फंसा रत्ना का हक’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। खबर में यह भी लिखा था कि रत्ना वर्मा 15 अगस्त को आमरण अनशन पर बैठेगी। यह खबर पढ़कर जिलाधिकारी ने रत्ना की मांगों पर कार्रवाई शुरू कराई। रत्ना के पति प्रेमलाल वर्मा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कर देश को आजाद कराने में भागीदारी की थी लेकिन अल्मोड़ा-नैनीताल जिला प्रशासन की अनदेखी से रत्ना को न जमीन मिली और न ही उनके पति के नाम कोई गली-मोहल्ले, पार्क का नामकरण हुआ।
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एसडीएम ने कापी उपलब्ध कराई
हल्द्वानी। डीएम अरविंद्र ह्यांकी ने शासन को पत्र भेजा है। उसमें शासनादेश में शिथिलता देते हुए आवास के लिए जमीन नैनीताल जनपद में आवंटित करने को कहा है। साथ ही जल्द स्वीकृति भेजने का अनुरोध भी किया है। इस संबंध का आदेश की कापी एसडीएम हरवीर सिंह को भी भेजी गई। जिसको एसडीएम ने रत्ना वर्मा को उपलब्ध कराया।
अमर उजाला को दिया धन्यवाद
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– रत्ना वर्मा के पोते राजेंद्र वर्मा ने जमीन मिलने का श्रेय अमर उजाला को दिया है। राजेंद्र बोले-अमर उजाला के प्रमुखता से मामला उठाने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया था। राजेंद्र ने सेनानी संगठन के अध्यक्ष ललित पंत, एसडीएम का भी आभार जताया।
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समस्याओें के निराकरण का दिया भरोसा
– जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित पंत को भी सेनानी परिवारों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया है।

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