
उत्तराखंड में बीते जून माह में आई दैवी आपदा के चलते गढ़वाल के कई गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया है।
अभी भी गढ़वाल के कई गांवों के ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल या फिर अन्य क्षेत्रों में पंहुचने के लिए कई-कई किलोमीटर की दूरी पैदल ही नापनी पड़ रही है।
उत्तराखंड के ऐसे गांवों में पंहुचने के लिए प्रशासन को भी कड़ी मशक्कत उठानी पड़ रही थी लेकिन अब देश-दुनिया से कटे ऐसे ही गांवों के लिए नया रूट तलाशने की जिम्मेदारी यू-सैक ने ले ली है।
सेमी गांव के लिए ढूंढेगा नया रूट
उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यू-सैक) फिलवक्त सेमी गांव के लिए नया रूट ढूंढ रहा है। हाल ही में आई आपदा में गुप्तकाशी से पहले स्थित इस गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया था।
सोमवार तक मिलने की उम्मीद
इसके बाद यहां के गांव वालों को अपने ही स्थान पर कैद होकर रहने को विवश होना पड़ रहा है। यू-सैक के निदेशक डा. एमएम किमोठी के अनुसार जल्द ही नए रूट को तलाशकर सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने इस कार्य के सोमवार तक होने की उम्मीद जताई।
ऐसे में यदि यू-सैक सेमी गांव के लिए नया रूट तलाश लेता है तो ग्रामीणों की कई मुश्किलों का समाधान हो जाएगा। सािि ही इस गांव तक राशन व अन्य मदद भी पंहुचाई जा सकेगी।
