ऐतिहासिक तप्तकु़ंड का अस्तित्व खतरे में

उत्तरकाशी। भूस्खलन की जद में आने से पाराशर ऋषि की तपस्थली गंगनानी के तप्त कुंड का अस्तित्व खतरे में आ गया है। भूस्खलन के कारण पास में स्थित हुर्री गांव के लोग भी सहमे हुए हैं।
गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी में करीब 100 मीटर चौड़ाई में भूस्खलन हो रहा है। पाराशर ऋषि का प्राचीन मंदिर तथा इसके नीचे पर्यटकों केआकर्षण गर्म पानी के बड़े स्नान कुंड से 50 मीटर हुर्री गांव की ओर भी जमीन फटने लगी है। हाईवे पर इतना मलबा जमा हो रहा है कि पैदल चलना भी मुश्किल है।
ऊपर तेज ढाल वाली पहाड़ी से यदि मलबा नीचे आया तो पौराणिक मंदिर और गर्म कुंड समेत पूरी बस्ती भागीरथी में समा सकती है। 81 परिवारों वाले हुर्री गांव के लोग भी इस भूस्खलन से काफी घबराए हुए हैं

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