
श्रीनगर। सोमवार रात हुई बारिश और अलकनंदा के बढ़े जल स्तर के कटाव से केशोराय मठ कभी भी ध्वस्त हो सकता है। यहां पहुंची कई महिलाओं की तो मठ की स्थिति देखकर आंखें छलक पड़ी। यहां मठ का केवल गर्भगृह वाला हिस्सा ही बचा है। मंदिर के बचे हुए हिस्से की नींव में दरारें पड़ गई हैं। विजेंद्र पडियार का कहना है कि केशोराय मठ श्रीनगर के पौराणिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसका संरक्षण करना बहुत जरूरी है। एसडीएम रजा अब्बास ने बताया कि प्रशासन केशोराय मठ को बचाने की पूरी कोशिश में जुटा है। सुरक्षा कार्य जारी हैं।
