
अल्मोड़ा। उत्तराखंड त्रासदी की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया और नारेबाजी कर विरोध जताया। बाद में कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस भी निकाला और जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य में आई आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई और अरबों रुपयों की संपत्ति नष्ट हो गई। उन्होंने कहा सरकारों, नौकरशाहों, माफियाओं, उद्योगपतियों के गठजोड़ ने राज्य को लूट कर इस हिमालयी राज्य को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया कि उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश तबाही के कगार पर है। राज्य के कमजोर, संवेदनशील पहाड़ों पर अवैज्ञानिक ढंग से सड़कें बनाई जा रही हैं। साथ ही सैकड़ों जल विद्युत परियोजनाएं और सुरंग आदि बनाई जा रही हैं। राज्य की सरकारी मशीनरी आपदा की त्रासदी में जिम्मेदारी से बचने के लिए घटिया हथकंडे अपना रही हैै। राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए आम जनता के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों के नियोजन और विकास के लिए केंद्र में हिमालयी मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य में आई त्रासदी के सभी पक्षों की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी से जांच कराने और आपदा राहत पुनर्वास व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी बनाने की मांग की। धरने और जुलूस में केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, कौशल पंत, पूजा, कमला गोस्वामी, अजय तिवारी, लीला आर्या, आनंदी वर्मा, अनीस, राजू गिरी, चंपा देवी, एसएस कपकोटी, रमेश सिंह दानू, हसन अहमद, आनंदी मनराल, गोविंद लाल वर्मा, आफताब अंसारी, रतन सिंह किरमोलिया, हसन अहमद, अनूप तिवारी, हेमा बिष्ट, शिव दत्त आदि बैठे।
