
शिमला। बागवानों के भारी विरोध के बाद सरकार की सख्ती पर अब एचपीएमसी और हिमफेड 18 किलो की बोरी में सेब की खरीद नहीं करेंगे। खरीद 61.5 किलो की ही बोरी में की जाएगी। बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने इस पर मंगलवार को सख्त आदेश जारी किए हैं। उद्यान मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि एचपीएमसी और हिमफेड की ओर से मंडी मध्यस्थता योजना-2013 में 18 किलो की सेब की बोरी के स्थान पर अब 61.5 किलो सेब ही खरीदा जाएगा। इसकी एवज में बागवानों को केंद्र प्रभारी की ओर से 60 किलोग्राम की रसीद जारी की जाएगी।
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कम दामों पर सेब खरीदे तो कार्रवाई
विपणन बोर्ड को ऐसे आढ़तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जो सेप्रेटर आकार के सेब को बड़े आकार के फलों की अपेक्षा कम दामों में बेचकर बागवानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे आढ़तियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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गुम्मा, जरोल-टिक्कर में ग्रेडिंग करें बागवान
स्टोक्स ने कहा कि प्रदेश विपणन समिति यानी एचपीएमसी की ओर से शिमला जिले के गुम्मा तथा जरोल-टिक्कर में ग्रेडिंग इकाइयां स्थापित की गई हैं। जहां सीए-स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इन सीए स्टोर में हर में दो-दो चैंबर बागवानों को समर्पित किए गए हैं, जहां वे ग्रेडिंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
