सरकारी भूमि से हटाए 22 अवैध कब्जे

मंडी। मंडी शहर में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की नप की मुहिम पूरी हो गई है। बुधवार 14 अगस्त को नप की ओर से इस बारे में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उच्च न्यायालय में पेश की जाएगी। उच्च न्यायालय की ओर से मंडी शहर में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे हटाने के बारे में 14 अगस्त तक का अंतिम मौका दिया था। अदालत के फैसले की अनुपालना करते हुए नगर परिषद मंडी की ओर से 22 अवैध कब्जों को हटाया गया। जिसकी रिपोर्ट बुधवार को उच्च न्यायालय में पेश की जाएगी। नप की ओर से कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर इस रिपोर्ट को लेकर शिमला रवाना हो गए हैं। मंडी शहर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर 47 मामले चिन्हित किए गए थे। जिनमें से 20 मामलों में अदालती कार्रवाई शेष न होने पर अदालत ने गिराने के निर्देश नगर परिषद को दिए थे। मगर नप की ओर से दो बार उच्च न्यायालय के निर्देशों को पूरा न कर पाने की वजह से हाईकोर्ट ने 14 अगस्त तक सरकारी भूमि से 20 अवैध कब्जों को हटाने का अंतिम मौका दिया था। वहीं पर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे को भी निर्देश जारी किए थे कि नप के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक मैन पावर और सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। दूसरी ओर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की ओर से नप की इस कार्रवाई का विरोध भी किया गया। इसके बावजूद नप ने उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए सरकारी भूमि से 22 अवैध कब्जे हटा दिए। दूसरी ओर मुख्यमंत्री की ओर से भी इस मामले में पहल करते हुए भूमिहीन लोगों को बसाने के बारे में जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। इधर, नप के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए मंडी शहर से सरकारी भूमि पर किए गए 22 अवैध कब्जों को हटा दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट बुधवार को उच्च न्यायालय में पेश की जाएगी।

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