
भीमताल। उच्चाधिकारियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कुमाऊं भर से पहुंचे जल संस्थान के सैकड़ों संविदा कर्मियों ने सोमवार को यहां महाप्रबंधक कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। महाप्रबंधक द्वारा बुलाई गई वार्ता में कोई निस्कर्ष नहीं निकलने के बाद श्रमिकों ने पूर्व समझौते के लागू होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है।
उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले पहुंचे कर्मचारियों ने सभा कर कहा कि 30 अप्रैल को हल्द्वानी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में कर्मचारियों के छह सूत्रीय मांगपत्र पर प्रबंधन और ठेकेदारों ने लिखित समझौता किया था, जिसके तहत संविदा कर्मियों को विभाग में समायोजित करने, श्रमिकों से संबंधित निविदा कार्रवाई को मई, जून में पूरा करा लेने, मानदेय बढ़ाने, ईपीएफ का लाभ देने आदि पर सहमति बनी थी। पेयजल तकनीकी फील्ड कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पूरन तिवारी ने कहा कि आज तक उक्त समझौते को लागू नहीं किया गया है जिससे श्रमिकों में भारी रोष है।
अपराह्न दो बजे जीएम पीके शाह ने श्रमिक नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन वार्ता विफल रही। तय किया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन में महामंत्री हरीश चंद्र पांडे, शंकर सिंह नेगी, जगदीश चंद्र भट्ट, प्रेम प्रकाश दुबे, नवीन चंद्र पांडे, नंद बल्लभ भट्ट, आर्येंद्र सिंह, जगदीश चंद्र शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, प्रकाश जोशी, पूरन चंद्र सनवाल समेत मंडल भर से आए संविदा कर्मी मौजूद थे।
