सिक्सर मारने की फिराक में एबीवीपी

धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर कालेज में इस बार मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। हालांकि, वर्ष 2007 के बाद से इस कालेज में भगवा ब्रिगेड का दबदबा रहा है। वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मपुर क्षेत्र की जनता को कालेज को तोहफा दिया था। इसके बाद वर्ष 2007 में हुए एससीए चुनाव में एनएसयूआई ने पैनल पर परचम लहराया था। इसके बाद से यहां पर एबीवीपी का पैनल पर वर्चस्व बरकरार है। इस बार प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने से छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी तथा एनएसयूआई के बीच मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। एबीवीपी जहां जीत का सिक्सर लगाने की फिराक में है। एनएसयूआई भगवा ब्रिगेड के जीत के सिलसिले को रोकना चाहेगी।
एबीवीपी पांच वर्षों की उपलब्धियों को लेकर छात्रों के पास जा रही है। कालेज में छात्रा मतदाताओं की संख्या 180 होने से एबीवीपी ने पैनल में अध्यक्ष पद को छोड़ कर शेष तीन सीटों पर छात्रा प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। एबीवीपी कालेज में डेस्क का प्रबंध करने, पीने के पानी, लड़कियों के लिए कॉमन रूम, लाइब्रेरी की उचित व्यवस्था तथा कालेज भवन का निर्माण आदि मुद्दों को अपनी उपलब्धियों के रूप में भुना रही है। एबीवीपी के पूर्व अध्यक्ष नेकराम का कहना है कि इन सभी मुददों को लेकर एबीवीपी मैदान में उतरी है। इस बार एबीवीपी जीत का सिक्सर लगाएगी। एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता अर्जुन ठाकुर का कहना है कि धर्मपुर कालेज कांग्रेस सरकार की देन है। अगले शिक्षा सत्र से यहां विज्ञान संकाय व कामर्स की कक्षाएं शुरू करवाने के लिए एनएसयूआई पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रों की समस्याओं को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया इस बार एनएसयूआई पूरे पैनल पर जीत हासिल करेगी।

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