
टीहरा लाइन (धर्मशाला)। युद्धों में कई शौर्य गाथाएं लिखने वाले छोटी कद-काठी के गोरखा समुदाय ने ऐसी मिसाल पेश की है कि इंसानियत का चेहरा कद्दावर हो गया है। एक तरफ उनके खुद के आशियाने टूट चुके हैं। कुदरत के कहर ने उन्हें सड़क पर ला दिया है। बावजूद इसके गोरखा समुदाय के दर्जनों परिवार उत्तराखंड और किन्नौर पीड़ितों की मदद को आगे आए हैं। भूस्खलन से घरों के रूप में जीवन भर की कमाई खो देने वाले प्रभावित परिवारों ने जब शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के हाथ में मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1,20,227 रुपये का चेक थमाया तो न केवल मंत्री बल्कि वहां खड़े अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की भी आंखें भर आईं। मंत्री सुधीर ने हालांकि उन्हें इस राशि को उन्हीं के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए खर्च करने की पेशकश की लेकिन गोरखा समुदाय ने इस राशि को किन्नौर आपदा के पीड़ितों की मदद में ही खर्च करने की बात कही। एसोसिएशन के अध्यक्ष ले. भूपेंद्र गुरंग ने कहा कि गोरखा समुदाय के लोगोें ने उन पर आपदा आने से पूर्व किन्नौर और उत्तराखंड पीड़ितों की मदद के लिए रुपये एकत्रित किए थे। इसमें करीब 1 लाख 20 हजार किन्नौर के लिए जबकि 1 लाख तीस हजार का अलग चेक उत्तराखंड पीड़ितों को दिया जाएगा। गोरखा एसोसिएशन के अध्यक्ष ले. भूपेंद्र गुरंग, उपाध्यक्ष सूबेदार मेजर देव किशन थापा, महासचिव कैप्टन अच्छर सिंह गुरंग, कोषाध्यक्ष सूबेदार मेजर हरिराम गुरंग, सलीना थापा, समुदाय के मुखिया नारायण सिंह थापा ने विभिन्न गांवों के लोगों की मदद से यह राशि एकत्र की थी।
