
राजधानी देहरादून में शुक्रवार को हुए हाईप्रोफाइल हत्याकांड के खुलासे से पुलिस चंद कदमों के फासले पर खड़ी है। पुलिस का दावा है कि मामले में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संदेह जताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीआरओ युद्घवीर सिंह रावत की हत्या एक महिला की इशारों पर की गई। हत्या लाखों रुपयों के लेन-देन के कारण ही हुई है।
पुलिस महिला समेत हत्या में शामिल एक अन्य व्यक्ति से किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
एमबीबीएस सीटों की दलाली पड़ गई भारी
पुलिस तफ्तीश में एमबीबीएस सीटों की दलाली में लाखों रुपयों के लेनदेन के कारण ही हत्या होने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों के अनुसार, महिला ही पूरे हत्याकांड की सूत्रधार है। पुलिस इस बात को लेकर भी पुख्ता हो गई है कि हत्या 14 लाख रुपये के लिए ही की गई। हालांकि इस हत्याकांड में महिला संग दो अन्य व्यक्ति भी शामिल बताए जा रहे हैं।
रॉड या डंडे से हुई हत्या
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जहां पर युद्घवीर की लाश मिली थी, वहीं पर उसे रॉड या किसी डंडे से मारा गया। उसे कार में बैठा कर आनंद मयी आश्रम के पास स्थित राजपुर रोड तक लागा गया था। वहीं पर उसकी हत्या शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे से नौ बजे के बीच हुई।
हालांकि पुलिस की गिरफ्त से हत्याकांड में शामिल एक व्यक्ति अभी बाहर है। वह दून से अंडर ग्राउंड हो गया है। उसकी तलाश में पुलिस की चार टीम राज्य के बाहर कई स्थानों पर लगातार दबिश दे रही है।
70 फीसदी खुल गया केस
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि पुलिस ने 70 फीसदी मामले का खुलासा कर दिया है। बस कुछ और पूछताछ होनी बाकी है। उसके बाद पुलिस गुनाहगारों को सबके सामने ले आएगी।
उधर, शनिवार सुबह को मृतक युद्घवीर के परिजन दून अस्पताल पहुंच गए। उनसे मिलने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी दून अस्पताल आए। वहां पर परिजनों ने मंत्री रावत से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
सरकारी नौकरी की मांग
साथ ही परिवार से किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई। युद्घवीर की अंत्येष्टि हरिद्वार में की गई। वहां पर जखोली ब्लॉक के अधिकांश गांव से लोग शामिल हुए।
