राजनीति में ‘कामयाब’ युद्घवीर के हिस्से आई मौत

छात्र जीवन से राजनीतिक सफर की शुरुआत कर लंबे संघर्ष के बाद युद्धवीर ने ब्लाक और फिर विधानसभा तक की सियासत में अपना कद बढ़ा लिया था।

कदम दर कदम बढ़ते हुए राजनीतिक तौर पर युद्धवीर अब काफी हद तक कामयाबी हासिल कर चुके थे। लेकिन यही कामयाबी उनकी जान जाने की वजह भी बन गई।

छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय
रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लाक स्थित बड़मा पट्टी के थाती गांव के रहने वाले युद्धवीर छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे। सामाजिक सक्रियता के चलते कालेज से बाहर ब्लाक स्तर पर भी उनका दायरा बढ़ा।

वर्ष 2003 से 2008 तक युद्धवीर जखोली ब्लाक के कनिष्ठ ब्लाक प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने ब्लाक में अपनी छवि जुझारू सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर बना ली। वर्ष 2012 युद्धवीर के लिए बड़े बदलाव का गवाह बना।

युद्धवीर बना संकटमोचक
विधानसभा चुनाव के दौरान हरक सिंह रावत कांग्रेस के टिकट पर रुद्रप्रयाग पहुंचे तो युद्धवीर उनके संकटमोचक बन गए। जखोली ब्लाक रुद्रप्रयाग से लगातार दो बार भाजपा से विधायक रहे मातबर सिंह कंडारी का गढ़ माना जाता था।

कंडारी भाजपा के कद्दावर नेता थे (अब कांग्रेस से जुड़ चुके हैं) और वर्ष 1989 से विधायक का चुनाव जीत रहे थे। चुनाव में युद्धवीर ने ब्लाक में जमकर काम किया। अपने मैनेजमेंट की बदौलत युद्धवीर ने एक-एक वोट पलटा और कंडारी के गढ़ में सेंध मार हरक को विधानसभा पहुंचा दिया।

हरक सिंह रावत की खास टीम में शामिल
हरक सिंह रावत की जीत के साथ ही युद्धवीर उनकी खास टीम में शामिल हो गए। जीत का इनाम उन्हें उपनल में हरक के पीआरओ के तौर पर मिला। इसके बाद युद्धवीर का राजनीतिक दायरा दून तक बढ़ गया।

बताया जाता है कि दून में सक्रियता के दौरान ही युद्धवीर एक चर्चित महिला के संपर्क में आ गए। इस महिला ने ही उन्हें एमबीबीएस सीटों में दाखिले में मिलने वाली दलाली की जानकारी दी।

धंधा चोखा लगा
युद्धवीर को यह धंधा चोखा लगा तो उन्होंने इसमें हाथ आजमाना शुरू कर दिया। कभी गुरबत का सामना करने वाले युद्धवीर के दिन अब बदलने लगे थे, लेकिन यही धंधा उनकी हत्या की वजह भी बन गया।

सीबीआई जांच कराए सरकार
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीआरओ युद्धवीर सिंह रावत की संदिग्ध मौत पर सीबीआई जांच की मांग उठाई है। भटट् ने कहा कि युद्धवीर का शव जहां मिला, वह क्षेत्र मुख्य सचिव आवास के बेहद नजदीक है।

इससे राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा हो गया है। कहा कि यदि सरकार सीबीआई जांच से कतरा रही है तो न्यायिक जांच के तुरंत आदेश किए जाएं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट की बात
युद्धवीर रावत के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबाना और सिर पर भारी चीज से वार करना बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक युद्धवीर के सिर को खास नुकसान पहुंचा है। एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र ने बताया कि रिपोर्ट विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाई जा रही है।

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