अवैध खनन पर अब टोकन टैक्स भी

अवैध खनन पर अब टोकन टैक्स भी
नालागढ़ (सोलन)। अवैध खनन करने वाले वाहनों खासकर टैक्टर मालिकों से अब टोकन टैक्स भी वसूला जाएगा। उपमंडल प्रशासन ने अब सेक्शन 22 के तहत संशोधित माइनर एंड मिनरल रूल्ज 2012 का हवाला देते हुए इसे शामिल किया है। यह व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। शुक्रवार को एक सप्ताह के लंबित 12 मामलों में 2.36 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। वसूले गए जुर्माने में करीब 1 लाख रुपये टोकन टैक्स लगाया गया है।
एसडीएम नालागढ़ डा. यूनुस ने बताया कि 6 ट्रैक्टर उपमंडल के नवांग्राम, 3 ट्रैक्टर बागवानियां व 3 ट्रैक्टर मानपुरा व किशनपुरा के समीप अवैध खनन करते जब्त किए गए थे। इन पर आगामी कार्रवाई करते हुए उपमंडल प्रशासन ने खनन अधिनियम के तहत 1,33,500 रुपये, मोटर वाहन अधिनियम के तहत 2500, टोकन टैक्स के रूप में करीब 1 लाख रुपये की राशि वसूल की है।

किस पर लगेगा टोकन टैक्स
नालागढ़ (सोलन)। व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल में लाए जा रहे वाहन जब रजिस्टर्ड होते हैं तो उन्हें टोकन टैक्स की अदायगी करनी होती है। यदि कामर्शियल तौर पर प्रयोग में लाए जा रहे वाहन ने टोकन टैक्स नहीं भरा होता है तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत टोकन टैक्स चार्ज किया जाता है। बेशक सरकार ने ट्रैक्टरों को कृषक वाहन से व्यावसायिक वाहन के रूप में दर्जा दे दिया है, लेकिन अभी तक ट्रैक्टर मालिकों ने व्यावसायिक तौर पर इसे प्रयोग में लाए जाने का टोकन टैक्स नहीं भरा है। अवैध खनन में इस्तेमाल में हो रहे ट्रैक्टर मालिकों से उपमंडल प्रशासन ने अब टोकन टैक्स भी वसूलना शुरू कर दिया है।

जुर्माना राशि में भी हुआ इजाफा
खनन अधिनियम के तहत एक वाहन पर 5000 से लेकर 9600 रुपये तक का जुर्माना होता है। लेकिन इसमें यदि एमवी एक्ट के तहत टोकन टैक्स को शामिल किया जाता है तो एक ही वाहन पर जुर्माना राशि बढ़कर दोगुना 15 से 18 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। तहसीलदार नालागढ़ आरडी हरनोट ने इसकी पुष्टि की है।

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