
मंडी। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक तारा चंद भवन मंडी में आयोजित की गई। इसमें सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम, उपाध्यक्ष राकेश सिंघा, रविंद्र कुमार, प्रेम गौतम, बिहारी सियोगी, भूपेंद्र सिंह, इंदिरा ठाकुर, एनडी रनोट, ओमदत्ता, महासचिव डा. कश्मीर ठाकुर, सचिव लखनपाल शर्मा, राजेश ठाकुर, भूप सिंह भंडारी, सरोज शर्मा, दया किशन, रमाकांत मिश्रा सहित साठ सदस्यों ने भाग लिया। निर्णय लिया गया कि केंद्र की यूपीए सरकार द्वारा अपनाई जा रही मजदूर विरोधी और निजीकरण की नीतियों के खिलाफ सभी मजदूर संगठन संयुक्त रूप से 25 सितंबर को राज्य मुख्यालय शिमला और सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 12 दिसंबर को दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा। इसमें सीटू के अलावा बीएमएस, इंटक और एटक से जुड़ी यूनियनें भी भाग लेंगी। हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के खिलाफ 12 नवंबर को शिमला में रैली आयोजित की जाएगी। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पंजाब के बराबर वेतन एवं भत्ते देने, रिटायरमेंट के बाद सुविधाएं देने तथा सुपरवाइजरों के 90 प्रतिशत स्थान उनमें से भरने की मांग की जाएगी। मंडी जिले के सदर खंड में सीडीपीओ की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ किए गए दुर्व्यवहार के चलते उन्हें तुरंत निलंबित और गिरफ्तार करने की मांग की गई। सीटू के संस्थापक नेता स्वर्गीय ज्योति बसु के जन्म शताब्दी वर्ष पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित कि एजाएंगे तथा 3 अक्तूबर को वर्ल्ड ट्रेड यूनियन का स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा।
