
नई दिल्ली: एक अध्ययन के अनुसार सरकारी वेबसाटों को होस्ट करने वाले अनेक सर्वर पुराने साफ्टवेयर तथा कमजोर सिक्युर कोडिंग जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इनके चलते वे कभी भी साइबर हमलों की चपेट में आ सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 78 सरकारी वेबसाइटों को हैक किया गया जबकि स्पैम, मालवेयर तथा प्रणाली में सेंध के 16,035 मामले हुए हैं।
इन्फोर्मेशन सिक्युरिटी कंसोर्टियम (इन्फोसेक) के इस अध्ययन में कहा गया है कि देश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह अपने आईटी बुनियादी ढांचे का उन्नयन करे और इसे नवीनतम सुरक्षा दिशा निर्देश तथा व्यवहारों के अनुसार रखे। अध्ययन में कहा गया है, ‘कोई भी पुराने सर्वर तथा कमजोर साफ्टवेयर, कमजोर सर्वर प्रबंधन को देख सकता है। इन सर्वर पर लगाए गए एप्लीकेशन का कार्यान्वयन तथा डिजाइन इस तरह के कार्यक्रमों से होता है जिनमें सुरक्षित कोडिंग का अभाव रहता है।’ इसके अनुसार हालांकि अपने आईटी बुनियादी ढांचे को लेकर निजी क्षेत्र अधिक सतर्क तथा सावधान रहता है।
