
लंढौरा/झबरेड़ा/भगवानपुर। कई घंटों की बारिश से अलग-अलग जगह चार मकान क्षतिग्रस्त होे गए। वहीं, एक मकान की दीवार ढह गई। गनीमत रही कि हादसों के समय कोई घरों के अंदर मौजूद नहीं था। एक गोशाला क्षतिग्रस्त होने से पशु मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने अंदर फंसे पशुओं को किसी तरह से बाहर निकाला।
शुक्रवार सुबह लंढौरा के गुर्जरवाड़ा मोेहल्ले में ज्ञानू कुम्हार और राजेंद्र मिस्त्री के कच्चे मकान ढह गए। वहीं, सभासद मनोज नायक के मकान की दीवार ढह गई। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, सूचना के बावजूद शाम तक पुलिस प्रशासन का कोई अधिकारियों मौके पर नहीं पहुंचा। उधर, झबरेड़ा के मानकपुर गांव में भारी बारिश के चलते बृहस्पतिवार रात को एक ग्रामीण का मकान भरभराकर गिर गया। ग्रामीण बाबूराम को मकान गिरने का पहले ही आभास हो गया था, जिसके चलते उसने पहले ही मकान से अपना सारा सामान हटा लिया था। मकान गिरने से मौके पर हड़कंप की स्थिति रही।
वहीं, भगवानपुर में अलग-अलग गांवों में बारिश से एक पक्का मकान और एक गोशाला क्षतिग्रस्त हो गए। हसनपुर-मदनपुर गांव में जर्मन का पक्का मकान बृहस्पतिवार रात को अचानक से गिर गया। जर्मन के परिवार के लोग दूसरे घर में सो रहे थे, लेकिन खाने-पीने का सभी सामान दब गया। इसके अलावा मानकपुर-आदमपुर गांव में गोशाला गिर गई। ग्रामीणों ने अंदर फंसे पशुओं को किसी तरह से बाहर निकाला। बारिश से कस्बे और औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव हो गया है।
