
कोटद्वार/लैंसडौन। प्रेम, भाईचारा और एकता का प्रतीक ईद उल फितर का पर्व धूमधाम से मनाया गया। एक दूसरे से गले मिलकर अमन और शांति की दुआ मांगी गई। बारिश होने से ईदगाह के बजाय मुख्य मस्जिद में ईद की नमाज अदा की गई। हालांकि यहां पर भी बारिश में भीगते हुए ही नमाजियों ने नमाज अदा की ।
बृहस्पतिवार को चांद नजर आने की खबर मिलते ही चांद मुबारक और ईद मुबारक का सिलसिला शुरू हो गया था। शुक्रवार को ईदगाह में साढ़े नौ बजे का समय नमाज के लिए मुकर्रर किया गया था। शुक्रवार सुबह शुरू हुई मूसलाधार बारिश से ईदगाह में जाना संभव नहीं हो पाया। इसलिए जामा मस्जिद में ही नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई। बारिश से नमाज निर्धारित समय से कुछ देर में शुरू हुई। कोटद्वार के मौलाना बदरूल इस्लाम अंसारी, सदर कैप्टन बसीर, यूनूस खान, नूर, तारिक, फरीद, सलीम, महबूब, जमालुद्दीन, मौ. चांद, मो. इदरीस, सहित सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान के महीने सहित ईद में पुलिस और प्रशासन के सहयोग की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
लैंसडौन, कालागढ़ और दुगड्डा में भी ईद की नमाज अदा की गई। वहीं लकड़ी पड़ाव मस्जिद में भी नमाज अदा की गई। लैंसडौन में नौ बजे ईदगाह जामामस्जिद में ईद की नमाज अदा की गई। लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। हिंदुओं और मुस्लिमों ने गले मिलकर ईद की मुबारक बाद दी। मुस्लिमों के घर जाकर ईद की बधाई दी और आपसी भाईचारा और प्रेम का संदेश दिया।
