
कोटद्वार। झूला पड़्यो कदंब की डाल झुलावें बृजरानी…. आदि सावन के गीतों से शुरू हुआ हरियाली तीज महोत्सव लोगों को बहुत भाया। गीता भवन गोविंद नगर में तीज मिलन समारोह में भगवान राधा-कृष्ण को वाटिका के मध्य में झांकी के रूप में प्रदर्शित किया गया। इसको देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ रही।
शाम को तीज मिलन कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें क्षेत्र की महिलाओं ने हिस्सा लिया। जिसमें झूला पड़्यो कदंब की डाल झुलावें बृजरानी…., राधे झूलन पधारीं, झुक आए बदरा…, नीम की है डाल झूला रेशम का, झूल रहीं सब नारि…आदि गीत गाए गए। कार्यक्रम में महिलाओं ने नृत्य का भी आयोजन किया। वहीं महिलाओं ने भक्ति ज्ञान प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। कार्यक्रम की संयोजिका शशी शर्मा ने बताया कि हरियाली तीज प्रकृति की रक्षा का पर्व है। इस दिन सबको प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना होता है। इस पर्व को मधुश्रवा भी कहते हैं, यानि कि हम सब आपस में मीठा बोलें। इस प्रकार के व्यवहार से पति-पत्नी का भी प्रेम बढ़ता है।
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