लोअर कोसी से हो सर्वाधिक अवैध खनन

हल्द्वानी। कुमाऊं में सबसे ज्यादा अवैध खनन की शिकायत लोअर कोसी नदी में है, जहां कानून नहीं बल्कि सफेदपोशों की आड़ में माफिया का राज चलता है। वक्त बदलने पर माफिया और संरक्षण देने वालों के चेहरे तो बदल गए पर अवैध खनन बदस्तूर चलता है। लोअर कोसी में करीब आठ साल पहले अवैध खनन को रोकने के लिए वैधानिक तौर पर खनन कराने का प्रस्ताव बनाया गया पर यह प्रस्ताव शासन स्तर पर आगे ही नहीं बढ़ सका।
नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले में स्थित कोसी नदी से रेत, पत्थर चोरी करने में सबसे संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसके संरक्षक कथित तौर पर सफेदपोश नेता है। नैनीताल जिले में जंगलात अपर कोसी नदी में अवैध खनन कराता है, जहां गेट एवं वन कर्मियों को तैनात कर खनन कराया जाता है। तमाम शिकायतों के बाद कुछ हद तक वैध खनन हो पाता है, जिससे सरकार को भी राजस्व मिलता है, लेकिन ऊधम सिंह नगर जिले में लोअर कोसी में अराजक तत्वों का राज है। सूत्रों के अनुसार यहां पर अवैध खनन और गुंडई को देखते हुए गौला नदी में शांतिपुरी की तर्ज पर वन विभाग के निर्देशन में खनन कराने का प्रस्ताव बना। 2005 में लोअर कोसी के करीब 800 हेक्टेयर में खनन कराने की योजना बनी। प्रस्ताव प्रभागीय स्तर से होते हुए शासन तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बात आगे नहीं बढ़ सकी। एक-दो बार वन विभाग की तरफ से पैरवी भी हुई, लेकिन शासन चुप्पी साधे बैठा रहा और अवैध खनन बदस्तूर जारी रहा।

सितंबर में भेजा जाएगा प्रस्ताव
हल्द्वानी। पश्चिम वृत्त वन संरक्षक विवेक पांडे कहते हैं कि शासन ने नए सिरे से इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी मांगी है। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। हम सितंबर के महीने में प्रस्ताव को भेज देंगे।

फाइल एवं पत्रों का चल रहा खेल
हल्द्वानी। अवैध खनन के साथ इलाके में जंगल की जमीन पर कब्जा भी हो रहा है। ज्वाला वन में 250 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा हो गया। प्लांटेशन अतिक्रमणकारियों ने खत्म कर दिया, पर महकमा पत्र-पत्र और फाइलों के खेल में ही व्यस्त है। अतिक्रमण प्रकाश में आने के बाद पीसीसीएफ से लेकर डीएफओ तराई पश्चिम प्रभाग राहुल ने कार्रवाई करने की बात कही, पर वह वक्त अब तक नहीं आ सका। जंगल में खेती का तुरंत आदेश करने वाला शासन भी पत्र लिखने तक सीमित है। अपर सचिव वन मनोज चंद्रन का कहना है कि ज्वाला वन मामले में वन और राजस्व की जमीन को लेकर गतिरोध है। इस संबंध में दोनों जिले के डीएम और वन महकमे का संयुक्त निरीक्षण कराया जाएगा। इस बारे में पत्र लिखा जा रहा है

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