
चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित चौड़ा राजपुरा क्षेत्र में इन दिनों मवेशीखोर बाघ की दहशत छाई हुई है। मवेशीखोर बाघ दिन दहाड़े ही गांव के आसपास दिखाई दे रहा है। ताजा वारदात में उसने चौड़ा के ग्रामीण जगदीश सिंह सौन की तीन बकरियों को एक साथ मौत के घाट उतार दिया है। घटना की जानकारी वन विभाग को दिए जाने के बाद वन क्षेत्राधिकारी एमएम भट्ट ने गांव का दौरा किया। पीड़ित परिवार ने वन विभाग से बकरियों के मुआवजे की मांग उठाई है।
चंपावत-गौड़ी मोटर मार्ग के मध्य में स्थित चौड़ा और राजपुरा क्षेत्र में बीते लंबे समय से मवेशीखोर बाघ सक्रिय है। अब बाघ का रुख बस्तियों की ओर होने लगा है। ग्रामीण जगदीश सिंह सौन का कहना है कि उसने रोज की तरह ही अपनी बकरियां चरने के लिए घर के समीप ही जंगल में छोड़ी थीं। मवेशीखोर बाघ के आतंक के चलते इन गांवों में शाम ढलते ही अघोषित कर्फ्यू की स्थिति हो रही है। ग्रामीणों ने पीड़ित पशुपालक को मुआवजा देने के साथ ही मवेशीखोर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग उठाई है। वन क्षेत्राधिकारी एमएम भट्ट का कहना है कि पालतू मवेशियों को गुलदार की ओर से मौत के घाट उतारे जाने पर नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
