
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल के जल और जमीन पर बिजली का उत्पादन कर हर साल करोड़ों कमाने वाले बीबीएमबी प्रबंधन का हिमाचल के लोगों के साथ फिर भेदभावपूर्ण रवैया सामने आया है। बीबीएमबी ने सुंदरनगर स्थित बीएसएल परियोजना के सुंदरनगर, सलापड और पंडोह स्थित अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले परियोजना के विस्थापितों और हिमाचली लोगों के शुल्क में एक अगस्त से पांच से दस गुणा तक वृद्धि कर दी है। जबकि परियोजना के कर्मचारियों को पहले की भांति निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती रहेगी। बीबीएमबी की इस कवायद से स्थानीय लोगों और परियोजना के विस्थापितों में प्रबंधन के प्रति रोष व्याप्त है।
करीब चार दशक पहले राष्ट्रहित में बनी ब्यास सतलुज लिंक परियोजना के निर्माण के लिए मंडी जिले के लोगों ने अपनी जमीन देकर खुद विस्थापन का दंश झेला। विस्थापितों से संबंधित अभी तक कई समस्याएं हैं, जिनका बीबीएमबी प्रबंधन कोई निवारण नहीं कर रहा है। जिसके लिए विस्थापित लंबे समय से संघर्षरत हैं। परियोजना प्रबंधन ने सुंदरनगर, सलापड़ और पंडोह में अस्पताल खोल रखे है, जिनमें सुंदरनगर स्थित अस्पताल सौ बिस्तर वाला है। जहां पर काफी संख्या में रोजाना मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हिमाचल के लोगों को पहले एक रुपये की ओपीडी पर्ची बनानी पड़ती थी। जिसे माफ करने की पहले ही मांग चल रही थी, उसे माफ करने के बजाए बीबीएमबी प्रबंधन ने एक अगस्त से अपने अस्पतालों में पंजाब पैट्रर्न लागू कर दिया। अब एक रुपये वाली ओपीडी की पर्ची पांच रुपये में बन रही है। यही, नहीं 40 रुपये में होने वाला एक्स-रे अब 70 रुपये में होगा। इसके अलावा अस्पताल में दाखिल होने पर पहले शून्य शुल्क लिया जाता था जो बढ़कर 25 रुपये हो गया है। इसी तरह अस्पताल का प्राइवेट वार्ड जो पहले निशुल्क था, अब 100 रुपये, जनरल वार्ड में बिस्तर 30 रुपये, एचबी टेस्ट 2 रुपये से बढ़कर 10 रुपये, साधारण आपरेशन शुल्क 50 से बढ़कर 100 रुपये, मेजर आपरेशन शुल्क 350 से बढ़कर 750, ईसीजी 25 से 40, हिमोग्लोबिन टेस्ट 2 से 10, यूरिक एसिड 10 से 20, पुलिस कर्मियों के लिए वार्षिक मेडिकल चेकअप फीस शून्य से 500 रुपये तथा नए कर्मचारियों का मेडिकल शून्य से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। इधर, हाल ही में बीएसएल परियोजना के मुख्य अभियंता का पदभार संभालने वाले ई. एसके शर्मा ने प्रबंधन से मामला उठा शीघ्र ही जनहित में आवश्यक कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया है।
