मिड-डे-मील वर्करों को मिले 150 रुपये दिहाड़ी

मंडी। सीटू से संबद्ध दोपहर भोजन कार्यकर्ता यूनियन की बैठक जिला प्रधान छब्बी राम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि यूनियन का राज्यस्तरीय सम्मेलन 14-15 सितंबर को मंडी में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान रैली भी निकाली जाएगी।
शुक्रवार को आयोजित बैठक में जिला प्रधान छब्बी राम ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोपहर भोजन कार्यकर्ताओं की मांगों की अनदेखी कर रही है। यूनियन की मांग है कि मिड-डे-मील वर्करों को न्यूनतम दिहाड़ी 150 रुपये दी जाए। इन कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन स्कूल में दोपहर का खाना बनाने के लिए छह से सात घंटे तक काम करना पड़ता है। जिसके बदले उन्हें मात्र 33 रुपये दिहाड़ी दी जाती है। महंगाई के कारण मिड-डे-मील वर्करों को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा वर्करों को छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का मानदेय दिया जाए। पिछले आठ साल से कार्यरत कार्यकर्ताओं की छंटनी न की जाए। सरकार 25 बच्चों की संख्या को आधार बना कर मिड-डे-मील वर्करों को निकाल रही है। यूनियन ने मांग की है कि आठ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके वर्करों को नियमित किया जाए। राशन और रसोई गैस लाने पर अलग से किराए का प्रावधान किया जाए। सभी स्कूलों में रसोईघर व स्टोर का निर्माण किया जाए। बैठक में सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम, जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, प्रभारी गुरुदास वर्मा, राज्य उपाध्यक्ष कांता महंत, जिला सचिव इंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सरला देवी, उपप्रधान कौरां देवी, सदस्य संसार चंद, प्रेम लता, मीना देवी, प्रेम कुमारी, शीला, ब्यासा देवी, मीना देवी, बीना देवी आदि मौजूद रहे।

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