मां की मौत पर बेटे ने काटा हंगामा

श्रीनगर। एक महिला की मौत पर उसके बेटे कुछ छात्रों के साथ बृहस्पतिवार को बेस अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचकर डेढ़ घंटे तक हंगामा काटा। उसने बेस अस्पताल पर आरोप लगाया कि मां की जांच ठीक से नहीं की गई इसलिए उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। अस्पताल के अधिकारियों ने वार्ता कर मामले की जांच का आश्वासन युवक को दिया। पुलिस ने युवक को शांत कराया।
दो अगस्त को गंभीर हालत में बेस अस्पताल के इमरजेंसी में इलाज के लिए लाई गई श्रीकोट गंगानाली निवासी 45 वर्षीय सुमित्रा देवी (पत्नी गणेश लाल) को डॉक्टरों ने सिर्फ दवाएं लिखकर घर भेज दिया। सुमित्रा के बेटे सुनील ने आरोप लगाया कि दो से चार अगस्त तक वह मां को लेकर अस्पताल आता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने गंभीरता से उसकी मां की जांच नहीं की और न ही किसी परीक्षण की जरूरत बताई। बीते पांच अगस्त को जब फिर सुमित्रा को अस्पताल लाया गया, तो जांच में पीलिया आया। छह अगस्त को इलाज के दौरान बेस अस्पताल में सुमित्रा देवी की मौत हो गई। अपनी मां के अंतिम संस्कार तथा अन्य क्रियाएं पूरी होने पर बृहस्पतिवार को सुनील कुछ छात्र नेताओं और विवि के अन्य छात्रों के साथ बेस अस्पताल पहुंचा और हंगामा काटा। अस्पताल में मौजूद रोगियों ने भी सुनील को सांत्वना दी। उसने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से ही उसकी मां की मौत हुई है। इमरजेंसी को करीब डेढ़ घंटे तक युवा छात्रों ने घेरे रखा। इस बीच कई बार अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। मौके पर पहुंचे डिप्टी एमएस डा. पवन रैंथवाल ने युवक को मामले की जांच का आश्वासन दिया, जब जाकर छात्र शांत हुआ।

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