उत्तराखंड बन रहा मुंगेर के हथियारों की मंडी

हल्द्वानी। मुंगेर (बिहार) के हथियारों के लिए उत्तराखंड सबसे बड़ी मंडी बनकर उभर रहा है। यहां पिछले कुछ समय में ही 100 से ज्यादा अवैध हथियार बेचे जा चुके हैं। यही नहीं यहां लगातार मुंगेर के बेहतरीन असलहों की डिमांड बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को सितारगंज में एसटीएफ द्वारा पकड़े गए दो आर्म्स स्पलायरों से पूछताछ में ये बातें सामने आईं। उन्होंने एसटीएफ को बताया कि मुंगेर में बनने के बाद सबसे ज्यादा असलहे यूपी के विभिन्न शहरों से यहां पहुंचाए जा रहे हैं। यहां से इनकी सप्लाई बुकिंग के अनुसार की जाती है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ में ये भी पता चला कि इन असलहों की बुकिंग हरिद्वार और देहरादून से होती है, जिसके बाद सप्लाई कुमाऊं के तराई क्षेत्र से की जाती है। पूछताछ में ये भी पता चला कि ये हथियार यहां से माओवादियों और नक्सलियों तक को सप्लाई किए जाते थे। पकड़े गए सितारगंज निवासी लखविंदर उर्फ मोहन और फिरोजाबाद निवासी मोहम्मद शमीम ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड से 10 पिस्टल की डिमांड की गई थी, जिसकी सप्लाई अलग-अलग हिस्सों में की जानी थी, जिनमें से एक पिस्टल शमीम लेकर यहां पहुंचा था, जो मोहन को दी जानी थी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मुंगेर के हथियारों की गुणवत्ता और फिनिशिंग विदेशी हथियारों जैसी है, जबकि कीमत उनसे 60 प्रतिशत तक कम। ऐेसे में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। उत्तराखंड से सप्लाई में आसानी के चलते यहां उनकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। एसटीएफ के इंस्पेक्टर योगेश चंद्र ने बताया कि उत्तराखंड का तराई इलाका मुंगेर के हथियारों की बड़ी मंडी बन रहा है। यहां से माओवादियों, नक्सलियों यहां तक कि अंडरवर्ल्ड तक को हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसकी लगातार सूचनाएं मिल रही हैं और खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं।

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