हर महीने 15 करोड़ की बिजली खरीद रहे

हल्द्वानी। नदियों के उफान पर आने से प्रदेश की बिजली परियोजनाओं का हाल बुरा है। उत्पादन गिरने के कारण हर महीने करीब 15 करोड़ रुपये की बिजली निजी कंपनियों और बाहरी राज्यों से खरीदनी पड़ रही है। पिछले तीन महीनों में ही 44 करोड़ से अधिक की बिजली राज्य ने खरीदी है। इसके बावजूद मांग और आपूर्ति में अंतर बना हुआ है। इस अंतर को बराबर करने के लिए कटौती की जा रही है।
ऊर्जा प्रदेश में छह महीने बिजली परियोजनाओं से उत्पादन सामान्य तौर पर बेहद कम रहता है। मई से अगस्त तक नदियों के उफान पर आने के कारण परियोजनाओं में सिल्ट भर जाता है, जिस कारण परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली की मात्रा बेहद कम हो जाती है। इसके अलावा नवंबर से फरवरी तक नदियों का प्रवाह कम होने से उत्पादन गिर जाता है। इस दौरान भी बिजली खरीदनी पड़ती है। इस बार ही जून, जुलाई और अगस्त में 44 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली खरीदी जा चुकी है, जबकि अभी अगस्त का पूरा महीना पड़ा है।
बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जून में 60.67, जुलाई में 122.40 और अगस्त में अब तक 8.50 मिलीयन यूनिट बिजली खरीदा जा चुकी है, इसकी कीमत 44 करोड़ से अधिक है। इसके बावजूद प्रदेश में अंधेरा कम नहीं हो रहा है। रोज दो-दो, तीन-तीन घंटे कटौती कर मांग और आपूर्ति बराबर की जा रही है। बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की कमी देखते हुए 60 लाख रुपये की बिजली खरीदी गई है।

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