चेक बाउंस होने पर छह महीने की सजा

काशीपुर। अदालत ने सवा दो लाख का बैंक चेक बाउंस होने पर चेकधारक को छह माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीन लाख का प्रतिकर अर्थदंड किया।
ग्राम सरवरखेड़ा निवासी नर्शी कुमार कपूर ने अपने वकील इकराम हुसैन के माध्यम से विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जयपाल सिंह की अदालत में फौजदारी वाद दायर किया। उनका कथन था कि उसके पुरानी सब्जी मंडी स्थित मैसर्स कुमार के संजय अग्रवाल से मधुर संबंध थे। संजय ने 19 मई 2009 को 2 लाख 25 हजार रुपया उससे एक दिन के लिए बिना ब्याज के उधार लिया। फिर अगले दिन उतनी ही रकम का काशीपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का चेक दिया। 30 जुलाई 2009 को जब भुगतान के लिए चेक नैनीताल बैंक खाते में लगाया, परंतु बैंक ने यह कहकर चेक लौटा दिया कि खाता 19 अक्तूबर 2006 को ही बंद हो चुका है। तब उसने अपने वकील इकराम हुसैन के माध्यम से संजय अग्रवाल को 2 लाख 25 हजार का भुगतान करने को नोटिस दिया, परंतु उसने भुगतान नहीं किया। अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनकर साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसमें संजय अग्रवाल को दोषी पाते हुए छह माह का सश्रम कारावास और तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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