
उत्तरकाशी। बिरला धर्मशाला के प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम कराया। जबकि परिजन मौत का कारण हार्ट अटैक बता रहे हैं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण सांस रुकने से होना बताया जा रहा है। इससे ज्यादा स्थिति स्पष्ट न होने पर पुलिस शव का बिसरा उच्च स्तरीय जांच के लिए भेजने की बात कह रही है।
मंगलवार की रात करीब 12 बजे बिरला धर्मशाला के प्रबंधक प्रमोद कुमार मिश्रा 45 वर्ष पुत्र गजानंद मिश्रा को उनकी पत्नी सुशीला देवी और चौकीदार गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना था कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा। सुबह अस्पताल के डाक्टरों ने मृतक के गले में रस्सी के निशान होने की जानकारी दी तो मामले को संदिग्ध मानकर पुलिस जांच में जुट गई।
एसपी जेआर जोशी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम करवाया। धर्मशाला के सभी कमरे खंगालने के साथ ही मृतक की पत्नी और कर्मचारियों से पूछताछ भी की। इस दौरान पुलिस को एक कमरे से ताश की गड्डियां बरामद हुई। ताश खेलने वाले कौन लोग रहे होंगे इस बारे में भी पुलिस जांच्-पड़ताल में जुटी ळै।
एसपी जेआर जोशी ने बताया कि गले में रस्सी के निशान होने से लग रहा है कि प्रबंधक की हत्या गला घोट कर की गई है। जबकि परिजन हार्ट अटैक से ही मौत होना बता रहे हैं। एसपी के अनुसार देर शाम मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। रिपोर्ट में मौत सांस रूकने से होनी बताई गई। सांस कैसे रूकी यह स्पष्ट नहीं है। बताया कि मृतक का बिरसा सुरिक्षत जांच के लिए भेजा जा रहा है। अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच करेगी। मूलरूप से पिलानी, राजस्थान के रहने वाले मिश्रा काफी समय से उत्तरकाशी में धर्मशाला के प्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
दिनभर होती रही चर्चाएं
उत्तरकाशी। बिरला धर्मशाला के प्रबंधक की मौत का मामला नगर में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। उनकी मौत की खबर सुनते ही अस्पताल और धर्मशाला में भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधायक विजयपाल सजवाण भी धर्मशाला पहुंचे और मिश्रा के निधन पर शोक जताया।
