डीटीएच से दूरदर्शन का दायरा बढ़ाए केंद्र

शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी से आग्रह किया है कि डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सुविधा के माध्यम से प्रदेश में दूरदर्शन केंद्र शिमला की पहुंच को बढ़ाया जाए। इससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के निवासी लाभान्वित होंगे और उन्हें दूरदर्शन केंद्र शिमला के विभिन्न कार्यक्रम देखने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह आग्रह केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को लिखे एक पत्र में किया है। वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं। प्रदेश की सीमाएं पड़ोसी देशों के साथ भी लगती हैं। प्रदेश का अधिकांश भाग छह महीने से अधिक समय तक बर्फ से ढका रहता है। इस कारण यह भू-भाग शेष विश्व से कट जाता है। इस कारण इन क्षेत्रों में दूरदर्शन का सुदृढ़ नेटवर्क होना आवश्यक है। यदि आवश्यक हो तो प्रदेश की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत डीटीएच सुविधा फ्रीक्वेंसी बैंड आवंटन प्रदेश को ‘आउट ऑफ टर्न’ आधार पर करने के लिए पूर्व निर्धारित शर्तों में छूट दी जा सकती है। प्रदेश की राजधानी शिमला से क्रियाशील होने के दो दशकों के बाद भी दूरदर्शन केंद्र शिमला के कार्यक्रम डीटीएच पर उपलब्ध नहीं हैं। केवल टेरेस्ट्रीयल ट्रांसमिशन उपलब्ध होने के कारण लोगों की दूरदर्शन केंद्र शिमला के कार्यक्रमों तक सीमित पहुंच है।

5000 डीटीएच सेट का मामला उठाया था
वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में 5000 डीटीएच सेट स्थापित करने का मामला उठाया था। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह 28 मई, 2005 को प्रदेश के दौरे पर आए थे तो उन्होंने उनके आग्रह पर जनजातीय क्षेत्रों के लिए 20,000 डीटीएच सेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने वर्ष 2009 में अवगत करवाया था कि प्रसार भारती ने 11वीं पंचवर्षीय योजना में हिमाचल को दूरदर्शन की डीटीएच योजना में शामिल किया है। प्रदेश सरकार को अभी ये डीटीएच सेट नहीं मिले हैं, जबकि 11वीं पंचवर्षीय योजना समाप्त हो चुकी है।

Related posts