खूबसूरत वादियों पर सहूलियतों का ग्रहण

बरोट (मंडी)। चौहारघाटी और छोटा भंगाल के अनेक मनमोहक स्थल उपेक्षा के कारण पर्यटन की दृष्टि से विकसित नहीं हो पाए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस अनदेखी को लेकर आक्रोश है। क्षेत्र में पलाचक, राजगुंधा, कोठी कोहड़, लोहरडी, सवाड़, बरोट, मुलथान, फुलाधार, बैंचकैंप, थल्टूखोड़, सिलबधानी, टीकन, नालदेहरा, झटींगरी सहित अनेक पर्यटन स्थल हैं, जो आज भी पर्यटन की दृष्टि से अनछुए हैं। घाटी में हर वर्ष हजारों की तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं। सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें अनेक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
वर्ष 1932 में कर्नल वैटी की ओर से बरोट में 110 मेगावाट की शानन विद्युत परियोजना का निर्माण किया था। उसी अंग्रेज अधिकारी ने यहां पर विश्व की दूसरे नंबर की रोप-वे ट्रांबे ट्रॉली शुरू की थी। जबकि, पंजाब सरकार के विद्युत बोर्ड के अधीन यह रोप-वे ट्रॉली पिछले 15-20 साल से बंद पड़ी जंग खा रही है। क्षेत्र निवासी हीरा राम, राम सिंह, रोशन लाल, कृष्ण चंद, अमर चंद, मान सिंह और जिला परिषद सदस्य ऋषि राज, मुलथान पंचायत प्रधान भाग सिंह, पोलिंग के रूप लाल आदि ने बताया कि घाटी के पर्यटन स्थलों को विश्व मानचित्र पर लाने के लिए प्रदेश सरकारों की ओर से केवल आश्वासन ही दिए गए हैं। घाटी में पहुंचने के लिए एक मात्र मार्ग बरोट-घटासनी की खस्ता हालत के चलते यहां आने वाले पर्यटकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, घाटी में पर्याप्त विश्राम गृह, होटल, एवं रेस्तरां न होने से पर्यटकों को रात्रि ठहराव में भी असुविधा होती है। गत माह पंजाब शानन विद्युत कारपोरेशन के चीफ हाइडल अधिकारी ने अपने बरोट दौरे के दौरान बंद पड़ी ट्रांबे ट्रॉली को फिर चालू करने की बात कही थी। बरोट और छोटा भंगाल क्षेत्रों के रमणीक पर्यटन स्थलों में पर्यटन की अपार संभावना के चलते यहां हर वर्ष पर्यटक ट्राउट मछली आखेट, प्राकृतिक झरनों, ठंडी हवाएं, देवदार के घने जंगल, उहल और लंबा डग नदियों की शीतलता का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं।

कांग्रेस सरकार ने बनाई है योजना : कौल सिंह
विधायक एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में घाटी के इन पर्यटन स्थलों की अनदेखी की गई है। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बरोट-झटींगरी पर्यटन स्थलों को पर्यटक की दृष्टि से विकसित करने की योजनाएं बनाई है। शीघ्र ही इन क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा।

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