बहुमंजिला भवनों में न खुद सुरक्षित, न और

सुंदरनगर (मंडी)। भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-5 में शामिल सुंदरनगर और आसपास के क्षेत्रों में बेतरतीब ढंग से भवनों का निर्माण हो रहा है। पूर्व में सुंदरनगर कई बार भूकंप का केंद्र रहा है। इसके बावजूद यहां के बाशिंदे आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूक नहीं हैं। पिछले कुछ दशकों में यहां पर भूकंप के कई झटके लग चुके हैं। सौभाग्यवश इस दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। अतिसंवेदनशील जगह पर रहने के बावजूद यहां पर लोग नगर परिषद की मंजूरी के बगैर ही चार-पांच मंजिला मकान बना रहे हैं, जो कभी भी बड़े भूकंप के समय त्रासदी का कारण बन सकते हैं। बहुमंजिला मकान बनने से उनके साथ लगते घरों के लोग भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, जिन लोगों ने बिना नक्शा पास करवाए ही बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया है, उन्हें बिजली-पानी के लिए नगर परिषद ने एनओसी जारी करना बंद कर दिया है। वहीं, जो लोग नक्शे के अनुसार अपना निर्माण नहीं कर रहे हैं, उन्हें नगर परिषद ने नोटिस भी दिए हैं।
इधर, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया का कहना है कि भवन निर्माण के समय नक्शा पास करवाने के लिए आने वाले लोगों को आपदा प्रबंधन की ओर भी ध्यान देने का आह्वान किया जाता है, परंतु इस पर कोई अमल नहीं कर रहा है। अब नगर परिषद इसके प्रचार के लिए अभियान भी चलाने जा रही है। सुंदरनगर के भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-पांच में होने के कारण यहां बड़ा भूकंप आने का खतरा रहता है। फिर भी लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

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