मंड क्षेत्र पर मंडराने लगा बाढ़ का खतरा

नूरपुर (कांगड़ा)। बारिश से पौंग बांध के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ब्यास नदी उफान पर है। हालांकि, पौंग बांध में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन बांध से पानी की निकासी बढ़ने से समीपवर्ती मंड क्षेत्र पर फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लिहाजा, प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की आवश्यक सूचना पहले ही जारी कर दी है।
बुधवार सुबह छह बजे तक पौंग डैम में 1,75,800 क्यूसिक पानी की आमद के साथ जलस्तर 1376.87 फुट पहुंच गया। पिछले साल जलस्तर 1321.40 फुट था। पिछले साल की अपेक्षा पौंग का जलस्तर 55.47 फुट अधिक है। इसी के चलते बुधवार को पौंग डैम से 15,651 क्यूसिक पानी टरबाइनों के माध्यम से विद्युत उत्पादन के लिए और 7,974 क्यूसिक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा गया।
सूत्र बताते हैं कि मुकेरियां हाइडल प्रोजेक्ट के लिए 11,500 और शाहनहर बैराज में 12,125 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए ब्यास दरिया के किनारे बसे निचले गांवों रे, स्थाना, टटवाली, मंजीर, रियाली, बेला ठाकरां, बेला लुधियारचा, कोडूबेला, मंड मियानी, पराल, जखबड़, भोग्रवां, ठाकुरद्वारा आदि को पहले ही सतर्क कर दिया गया है लेकिन पौंग बांध के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी से मंड क्षेत्र के लोगों को वर्ष 2011 में डैम के फ्लड गेट खुलने से मची तबाही का डर सताने लग पड़ा है। पौंग बांध का मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से अभी करीब 13 फुट दूर है। पौंग के जलस्तर में रोजाना औसतन डेढ़ से दो फुट की बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।

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