
लक्सर। हवालात का नाम सुनते ही हर किसी की शिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है, लेकिन बाढ़ प्रभावितों को सिर छुपाने के लिए हवालात में भी शरण लेनी पड़ रही है। शेरपुरबेला के ग्रामीणों को गांव छोड़कर खाली पड़े खानपुर थाने के हवालात में रहना पड़ रहा है।
खानपुर थाना कुछ दिन पहले ब्लॉक परिसर में बने कृषि विभाग के कार्यालय से अपने नए भवन में शिफ्ट हो गया था। तब से यह भवन खाली पड़े हैं। मंगलवार को शेरपुरबेला के कई परिवारों ने बाढ़ के चलते गांव छोड़ दिया। गांव छोड़कर ये लोग ब्लॉक परिसर में पहुंच गए। यहां पूर्व में हवालात का कक्ष खाली पड़ा था तो लोगों ने इसी में शरण ले ली है। हवालात में गांव के सुरजीत का परिवार रह रहा है। उनका कहना है कि हवालात में रहना अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन क्या करें मजबूरी में रहना पड़ रहा है। सिर छुपाने के लिए जगह नहीं है। प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही। गांव के लोगों का कहना है कि कोई सुनने वाला नहीं है। पशुओं के साथ यहां डेरा डाले हैं। चारे की कोई व्यवस्था नहीं है।
