
रानीखेत। नगर से सटे आबकारी मोहल्ले में तेंदुए के आतंक से लोग परेशान हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने यहां पिंजरा लगा दिया है। हालांकि मंगलवार को मुहल्ले में तेंदुआ नहीं दिखाई दिया। तेंदुए के भय से लोग बाहर निकलने में डर रहे हैं। बच्चे स्कूल भी अकेले नहीं जा पा रहे हैं। खौफ के चलते मुहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मालूम हो कि रविवार को कुत्ते को निवाला बनाने के बाद तेंदुआ आबकारी मुहल्ले में झाड़ियों में घुस गया था। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम के साथ पटाखे, आग के गोले बनाकर छोड़े, लेकिन तेंदुआ बाहर नहीं निकला। सोमवार की सुबह मुहल्ले वालों ने तेंदुए को कुत्ते पर झपटते देखा। शोर होने के बाद तेंदुआ फिर से झाड़ियों में जा छिपा। बाद में वह नाले के रास्ते फरार हो गया। तेंदुआ दिखने के बाद स्थानीय लोग खौफजदा हैं। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में लोग बच्चों को अकेले बाहर नहीं जाने दे रहे। तेंदुए के भय से इस इलाके में सन्नाटा छाया है। वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम ने बताया कि स्थानीय लोगों की निशानदेही पर फिलहाल वहां पिंजरा लगा दिया गया है। पिंजरे में बकरी का बच्चा बांध रखा है। वन कर्मियों का मानना है कि कुत्ते के बचे मांस को खाने के लिए तेंदुआ फिर से इस स्थान पर आएगा। वहां एक कर्मचारी को भी तैनात किया गया है लेकिन पिंजरा लगाने के बाद तेंदुआ वहां नहीं आया। उप प्रभागीय वनाधिकारी वीके सिंह ने स्थानीय लोगों से तेंदुए के पकड़ में आने तक सावधानी से बाहर निकलने की हिदायत दी है।
