सेटेलाइट बंदोबस्त से निपटेंगे जमीनी विवाद

मंडी। प्रदेश में जमीनी विवादों का अब हमेशा के लिए निपटारा होने की संभावना है। प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में सेटेलाइट बंदोबस्त सिस्टम लागू किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर प्रदेश के तीन जिलों मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के कुछ हलकों में पायलट आधार पर इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर सरकार इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के बारे में सोच रही है। जिससे लोगोें के बीच जमीनी विवाद को लेकर आए दिन होने वाले झगड़ों से निजात मिल जाएगी। इधर, राजस्व एवं विधि मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि अभी पायलट आधार पर यह परियोजना शुरू की गई है। इस तकनीक की रिपोर्ट तीनों जिलों से मंगवाई जा रही है और उसका मूल्यांकन करने के बाद इसी वर्ष इसे प्रदेश के सभी 12 जिलों में लागू कर दिया जाएगा। इस तकनीक से यह बात सामने आई है कि इससे बंदोबस्त करने में एक्यूरेसी बनी रहेगी और यह सिस्टम चलाने के लिए सहायक है। कहा कि वे हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं राजस्व मंत्री जयराम रमेश से दिल्ली में मिले थे और उन्होंने इस सिस्टम को प्रदेश में अतिशीघ्र लागू करने को कहा है।खास बात यह है कि राजस्व विभाग की इस पहल से प्रदेश में हजारों राजस्व भूमि संबंधी विवाद जहां स्वत: ही खत्म होंगे। वहीं इस सेटेलाइट बंदोबस्त से निचले स्तर पर पटवारियों की लकीर खींचने से होने वाले झगड़ों से भी निजात मिलेगी। सिरमौर, कांगड़ा एवं मंडी के जोगिंद्रनगर में सेटेलाइट बंदोबस्त का प्रयोग सफल रहा है। इसी आधार पर पायलट बेस पर पूरे हुए इस कार्यक्रम के कंप्लीट होने पर ही सरकार इसे समूचे प्रदेश में लागू करने जा रही है। राजस्व मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही इस मसले पर उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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