
गोहर (मंडी)। उपमंडल की मंडी-जंजैहली सड़क पर पहाड़ी धंसने से घाटी में यातायात बुरी तरह से पटरी से उतर गया है। थुनाग के समीप ओडीधार में सड़क का एक भाग पूरी तरह धंस जाने से मंडी-जंजैहली सड़क पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। मंडी-जंजैहली प्रमुख सड़क के अलावा करीब एक दर्जन और सड़कों पर भारी बरसात के कारण वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। जंजैहली घाटी में सड़कें बंद होने से सेब और आलू की फसल मंडियों तक पहुंचाने की समस्या पैदा हो गई है। करीब आठ बसें जंजैहली घाटी में फंस गई है। जिनमें चार निगम और चार निजी बसें शामिल हैं। घाटी में मंडी-जंजैहली के साथ कुकलाह बागी, भौंचडी कांढा, सुधाराणी थाटा, बगस्याड़ परवाड़ा, लेहगला शिकावरी, लंबाथाच शिल्हीबागी, गाडागुशैणी छतरी, लंबाथाच च्यूणी, थुनाग जैंसला समेत घाटी के अनेक संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। पथ परिवहन निगम की मंडी च्यूणी, मंडी जंजैहली, मंडी कुलथनी और शिमला-जंजैहली रूट की बसें सड़कें बंद होने से फंसी हुई हैं। सड़कें बंद होने से सेब और आलू का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिससे किसानों-बागवानों को आर्थिक नुकसान होने का संकट छा गया है। सराजघाटी के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग दो सौ ट्रकों का सेब और आलू बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। लोनिवि ने घाटी में सड़कों को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने घाटी में सड़कों के बंद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मंडी-जंजैहली सड़क ओडीधार के पास बुरी तरह से धंस गई है। सड़क को बहाल करने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। बाकी की सभी अवरुद्ध सड़कों को बहाल करने के लिए मजदूर तैनात कर दिए गए हैं।
किसान-बागवान संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि घाटी में सेब सीजन चरम पर है तथा विभिन्न क्षेत्रों में सेब और आलू की फसल मंडियों में निर्यात होने के लिए तैयार है। बागवान तेज सिंह ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, मोहर सिंह, आलमू राम, जगदीश, संतोष कुमार, नेत्र सिंह ठाकुर, खेम सिंह और मनोज कुमार ने बताया कि सड़कें बंद होने से उनका सेब और आलू खराब होने के कगार पर पहुंच गया है। तहसीलदार थुनाग विद्याधर नेगी ने बताया कि लोनिवि पूरी मुस्तैदी से सड़कें बहाल करने में जुट गया है। विधायक जयराम ठाकुर ने कहा कि विभाग और सरकार से सड़कों को बहाल करने की मांग की है।
