आशियाने को बचाने के लिए उलझ पड़ी मीरा

मंडी। मंडी शहर में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने की नगर परिषद की मुहिम का जहां राजनीतिक दलों और जन संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है, वहीं हाईकोर्ट की ओर से 14 अगस्त की डेडलाइन के चलते नप की ओर से कब्जों को हटाने की कवायद जारी है। बुधवार को नप ने मंडी शहर में इस अभियान को जारी रखा। अपने आशियानों को उजड़ने से बचाने के लिए लोग भरसक विरोध भी कर रहे हैं, मगर पुलिस बल की मौजूदगी में उनका विरोध किसी काम नहीं आ रहा है। बुधवार को समखेतर निवासी मीरा देवी और उसका परिवार अपने आशियाने को गिराने आए नप अधिकारियों और पुलिस बल को देख बिफर पड़ा। मीरा देवी ने रोते बिलखते हुए अपना विरोध दर्ज किया। यहां तक कि वह बेहोश भी हो गई। मगर पुलिस के आगे वह और उसका परिवार बेबस नजर आया। मीरा देवी ने नप अधिकारियों से अपना मकान गिराने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। इधर, नगर परिषद उच्च न्यायालय की ओर से सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश की अनुपालना में पूरी तरह से जुट गई है। नप ने अब तक 20 में से 15 अवैध कब्जे पूरी तरह से हटा दिए हैं। बुधवार को नप कर्मी जेल रोड स्थित जोगिंद्र सिंह और महाजन बाजार स्थित जयचंद के अवैध कब्जे गिराने में जुटे रहे। वहीं, चार लोगों को अवैध कब्जे हटाने और भूमि किराये के बारे में बिल भी नप की ओर से भेज दिए गए हैं। इधर, नप कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर ने बताया कि अब तक 15 अवैध निर्माण पूरी तरह से हटा दिए हैं। जबकि दो अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। टाउन हाल के पास मीरा देवी ने अपना अवैध निर्माण हटाने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि 14 अगस्त से पूर्व ही सभी 20 अवैध कब्जे हटाकर उच्च न्यायालय में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

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